

कुमाऊं के प्रवेश द्वार पर नियमों को पलीता लगा रहा मस्तान पेट्रोल पंप!
न हवा की सुविधा, न शुद्ध पेयजल, शौचालय पर लटका ताला, ग्राहक खुद भर रहे वाहनों में हवा!
लालकुआं। कुमाऊं के प्रवेश द्वार नगर पंचायत लालकुआं में यदि पेट्रोल पंपों पर ही उपभोक्ताओं को बुनियादी सुविधाएं न मिलें तो व्यवस्था के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। लालकुआं स्थित मस्तान पेट्रोल पंप पर हवा भरने की सुविधा, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी व्यवस्थाओं की स्थिति उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली है। यहां हवा भरने की मशीन तो लगी है, लेकिन कर्मचारियों के सहयोग न करने के कारण ग्राहकों को स्वयं ही अपने वाहनों में हवा भरनी पड़ रही है। वहीं, शौचालय पर ताला लटका होने से उपभोक्ताओं को इस बुनियादी सुविधा से भी वंचित होना पड़ रहा है।
पेट्रोल पंप केवल ईंधन बेचने का केंद्र नहीं, बल्कि सड़क पर सफर करने वाले लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से भी जुड़े हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों को टायरों में हवा भरवाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में मशीन उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारी हवा भरने में सहयोग न करें तो सुविधा होने और उसका लाभ मिलने के बीच का अंतर साफ नजर आता है।
मशीन लगी है, लेकिन जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
मस्तान पेट्रोल पंप पर हवा भरने की मशीन लगी होने के बावजूद ग्राहकों को खुद ही हवा भरनी पड़ रही है। सवाल यह है कि जब पंप परिसर में यह सुविधा उपलब्ध है, तो उपभोक्ताओं को इसका लाभ दिलाने के लिए कर्मचारी तत्पर क्यों नहीं हैं? वाहन चालकों को यदि अपने स्तर पर ही सारी व्यवस्था करनी है तो पेट्रोल पंप प्रबंधन की जिम्मेदारी आखिर क्या है?
शौचालय पर ताला, पेयजल की सुविधा भी सवालों में!
पेट्रोल पंप पर शौचालय का बंद रहना यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष रूप से परेशानी का कारण बन सकता है। वहीं, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों के लिए ये सुविधाएं कोई विलासिता नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत हैं। ऐसे में इनकी अनुपलब्धता पेट्रोल पंप प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
जिम्मेदार विभाग कब लेगा सुध?
कुमाऊं के प्रवेश द्वार पर स्थित पेट्रोल पंप पर बुनियादी सुविधाओं की यह स्थिति संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी मौके पर पहुंचकर इन सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जांची है? क्या पेट्रोल पंप प्रबंधन से उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में जवाब मांगा जाएगा?
अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी मस्तान पेट्रोल पंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने के लिए कदम उठाते हैं या फिर उपभोक्ता इसी तरह परेशान होते रहेंगे। ईंधन के बदले कीमत वसूलने वाले प्रतिष्ठानों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है। आखिर उपभोक्ताओं को राहत देने वाली व्यवस्था केवल मशीनें लगाने तक सीमित रहेगी या उनका लाभ भी मिलेगा?
