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कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के जवानों के परिवारों को शिक्षा का बड़ा तोहफा, ग्राफिक एरा से हुआ एमओयू !

100 प्रतिशत तक ट्यूशन फीस माफ, असीमित छात्रवृत्तियों का प्रावधान; अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को नागरिक करियर में आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर !

दर्पण न्यूज 24/7 | रानीखेत, 21 अक्टूबर।

देश की रक्षा में समर्पित कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के जवानों तथा उनके परिवारों के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलने जा रहे हैं। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर, रानीखेत के बीच शैक्षिक सहयोग को लेकर पांच वर्ष का समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इसके तहत पात्र सैनिकों, अग्निवीरों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को असीमित छात्रवृत्तियों के साथ ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया गया है।

सैनिक परिवारों की शिक्षा को मिलेगी मजबूती

21 अक्टूबर को हुए इस समझौते पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) तबस्सुम नकवी और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ने हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य सैनिक परिवारों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी ज्ञान और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण से जोड़ना है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी शैक्षणिक प्रगति में बाधा न बनें।

एमओयू के दायरे में कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के सेवारत अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ), अन्य रैंक के जवान, अग्निवीर, सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी, पूर्व सैनिक और अन्य निर्धारित श्रेणियों के लाभार्थी तथा उनके पात्र आश्रित शामिल हैं। हालांकि, छात्रवृत्ति और फीस में छूट का वास्तविक लाभ संबंधित पात्रता तथा एमओयू की शर्तों के अनुसार मिलेगा।

एआई से साइबर सिक्योरिटी तक पढ़ाई के अवसर

इस समझौते के तहत सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर के कार्यक्रमों में प्रवेश के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल और मैनेजमेंट जैसे रोजगारोन्मुख विषयों को इसमें शामिल किया गया है।

बदलते तकनीकी दौर में इन पाठ्यक्रमों से सैनिक परिवारों के युवाओं को नए कौशल हासिल करने और करियर की संभावनाएं बढ़ाने में मदद मिल सकती है। फीस में छूट और छात्रवृत्तियों का प्रावधान इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के लिए नागरिक रोजगार पर जोर

सेना से नागरिक जीवन में लौटने वाले अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को ध्यान में रखते हुए इस साझेदारी में व्यावहारिक तथा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य सैन्य सेवा के बाद रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना है।

पूर्व सैनिकों के लिए गांवों में ही आजीविका के साधन विकसित करने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को प्रोत्साहन देने और गांवों से पलायन कम करने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

सैनिक परिवारों के लिए आईटी और डिजिटल प्रशिक्षण

एमओयू में अग्निवीरों और सैनिकों के परिवारों के लिए आईटी एवं डिजिटल उत्पादकता से संबंधित प्रशिक्षण की प्रस्तावित व्यवस्था भी शामिल है। इसके तहत कक्षा में पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की योजना है। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रस्तावित संयुक्त प्रमाणन व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।

कुमाऊं से जुड़ाव और सैनिकों के प्रति सम्मान का संदेश

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) तबस्सुम नकवी ने कहा कि संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कुमाऊं क्षेत्र में शिक्षा के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

वहीं, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर के निदेशक ने इस पहल को कुमाऊं क्षेत्र के प्रति योगदान और वर्दीधारी जवानों के प्रति सम्मान से जुड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत कुमाऊं और नागा रेजिमेंट के सैनिकों तथा उनके परिवारों के लिए विशेष शैक्षिक सहयोग की व्यवस्था की गई है।

अब नजर लाभार्थियों तक पहुंच पर

ग्राफिक एरा और कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर के बीच हुआ यह समझौता सैनिक परिवारों के लिए शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर खोल सकता है। इसकी वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि पात्र जवानों, अग्निवीरों, पूर्व सैनिकों और उनके बच्चों तक छात्रवृत्ति तथा फीस में छूट का लाभ कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है।

देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिक परिवारों को शिक्षा के जरिए मजबूत करना केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि उनके भविष्य में निवेश भी है। यह एमओयू उस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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