फागोत्सव में गूंजा कुमाऊं की लोकसंस्कृति का रंग — होली गायन प्रतियोगिता में नैनीताल प्रथम, अल्मोड़ा द्वितीय, रानीखेत मस्तमौला तृतीय!
दर्पण न्यूज | संवाददाता : गोपाल नाथ गोस्वामी
रानीखेत। कुमाऊं की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और लोक विरासत को जीवंत करते हुए सांस्कृतिक समिति रानीखेत द्वारा आयोजित फागोत्सव एवं होली गायन प्रतियोगिता रंग, संगीत और उत्साह के बीच संपन्न हुई। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित नैनीताल, अल्मोड़ा और भवाली की कुल 20 महिला होल्यार टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर पारंपरिक होली गायन और स्वांग प्रस्तुतियों से वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
फागोत्सव के अंतर्गत महिला टोलियों द्वारा नगर में भव्य होली गायन शोभायात्रा निकाली गई, जिसका विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों एवं नागरिकों ने स्वागत करते हुए जलपान की व्यवस्था की। केमू स्टेशन से प्रारंभ हुई यात्रा सदर बाजार, रोडवेज और जरूरी बाजार होते हुए शिव मंदिर परिसर पहुंची, जहां स्वांग एवं होली गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
होली गायन प्रतियोगिता परिणाम
प्रथम स्थान — नैनी महिला जागृति संस्था, नैनीताल
द्वितीय स्थान — कला संस्कृति संगम, अल्मोड़ा
तृतीय स्थान — मस्तमौला ग्रुप, रानीखेत
स्वांग प्रतियोगिता परिणाम
प्रथम — कला संस्कृति संगम, अल्मोड़ा
द्वितीय — मां नंदा सुनंदा महिला दल, भवाली
तृतीय — नारी शक्ति, रानीखेत
विजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विधायक करन माहरा एवं पालिका अध्यक्ष अरुण रावत ने पारंपरिक चीर बंधन के साथ किया। इस अवसर पर सिटी मांटेसरी स्कूल के प्रधानाचार्य विनोद खुल्बे तथा समाजसेवी अतुल अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल सती ने अतिथियों का पारंपरिक स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
महिला कलाकारों ने होली गायन के साथ स्वांग अभिनय में हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
अपने संबोधन में करन माहरा ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं अरुण रावत और विनोद खुल्बे ने महिलाओं द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक आयोजन को प्रेरणादायक बताया।
फागोत्सव के दौरान नैनीताल के प्रसिद्ध होली गायक स्व. दिनेश चंद्र जोशी ‘कन्नू उस्ताद’ की स्मृति में जय गोलू देवता टीम एरोड़ को उदीयमान टीम सम्मान प्रदान किया गया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में जवाहर नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत के संगीत शिक्षक दिनेश चंद्र जोशी, राजकीय आदर्श बालिका इंटर कॉलेज की संगीत शिक्षिका मीनाक्षी उप्रेती तथा एपीएस की संगीत शिक्षिका मेघा शामिल रहीं। संचालन दीपक पंत ने किया।
सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल सती ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोक पर्वों की मर्यादा और सांस्कृतिक संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है, जिसके लिए समिति निरंतर प्रयासरत है।
फागोत्सव ने एक बार फिर साबित किया कि रानीखेत की धरती पर लोकसंस्कृति आज भी जीवंत है और होली केवल पर्व नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है।
