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एसबीआई की अनूठी पहल : बेटियों की शिक्षा को मिली रफ्तार, 84 छात्राओं को साइकिल वितरण!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो लालकुआं। सामाजिक सरोकारों के निर्वहन की दिशा में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा किया गया प्रयास शनिवार को उस समय प्रेरणादायक उदाहरण बन गया, जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लालकुआं शाखा ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) योजना के अंतर्गत पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज हल्दुचौर की कक्षा दसवीं की 84 छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं।
कार्यक्रम में स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक राजीव रंजन एवं सहायक महाप्रबंधक श्रीमती दिव्या त्रिपाठी ने छात्राओं को साइकिल भेंट करते हुए उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बैंक का उद्देश्य केवल आर्थिक सेवाएं प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के भविष्य — विशेषकर बेटियों — को आगे बढ़ाने में सहभागी बनना भी है।
उप महाप्रबंधक राजीव रंजन ने अपने संदेश में कहा कि ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ना राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। साइकिल जैसी छोटी सुविधा भी कई बेटियों के सपनों को नई उड़ान दे सकती है। भारतीय स्टेट बैंक भविष्य में भी शिक्षा एवं सामाजिक विकास से जुड़े ऐसे कार्यक्रम जारी रखेगा।
सहायक महाप्रबंधक दिव्या त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षित बेटियां ही सशक्त समाज की आधारशिला हैं। बैंक का प्रयास है कि कोई भी छात्रा केवल संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।
इस अवसर पर लालकुआं शाखा प्रबंधक मुकेश बमेटा ने कहा कि एसबीआई समाज के हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्राओं को साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होगी।
लालकुआं नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह लोटनी ने बैंक की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल साइकिल वितरण नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को गति देने का प्रयास है। ऐसे सामाजिक सहयोग से शिक्षा का स्तर निश्चित रूप से मजबूत होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिक संगठन के पूर्व सैनिक कैलाश बिरखानी, दया कृष्ण जोशी, दिनेश चंद्र लोहनी एवं गंगा सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने एसबीआई की पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। पूर्व सैनिकों ने कहा कि देश सेवा के बाद समाज सेवा की भावना से किए जा रहे ऐसे कार्य वास्तव में राष्ट्र निर्माण को मजबूत करते हैं। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है और भारतीय स्टेट बैंक ने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस दौरान राजीव कुमार, गिरीश सयाना, नारायण सिंह टोलिया, विमला अटवाल, ग्राम प्रधान दौलिया, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती भारती, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने इसे अपनी पढ़ाई के लिए बड़ी मदद बताया। कार्यक्रम क्षेत्र में शिक्षा प्रोत्साहन की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में चर्चा का विषय बना रहा।
“बेटियों की शिक्षा को गति देने वाला यह प्रयास समाज और संस्थानों की साझी जिम्मेदारी का सशक्त संदेश है।”

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