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 उत्तराखंड

🔴 एसटीएफ की सबसे बड़ी कार्रवाई

बनबसा में 800 ग्राम हेरोइन के साथ 3 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

ड्रग्स-फ्री देवभूमि अभियान के तहत उत्तराखंड–यूपी–नेपाल नशा नेक्सस ध्वस्त

देहरादून/चम्पावत।
उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। ड्रग्स-फ्री देवभूमि अभियान के तहत एसटीएफ ने चम्पावत जिले के बनबसा क्षेत्र से करीब 800 ग्राम हेरोइन के साथ तीन अंतर्राज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये बताई जा रही है। इसे वर्ष 2025 में उत्तराखंड की अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन बरामदगी माना जा रहा है।

एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट ने SOG चम्पावत और थाना बनबसा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस बड़े नशा नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पकड़े गए तस्कर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निवासी हैं, जो लंबे समय से उत्तराखंड और नेपाल में हेरोइन की सप्लाई कर रहे थे।

नेपाल ले जाई जानी थी नशे की खेप

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त मोटरसाइकिल से हेरोइन लेकर उत्तराखंड पहुंचे थे, जिसकी खपत नेपाल में की जानी थी। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पहले भी उत्तराखंड, नेपाल, मुंबई और गोवा तक नशे की खेप पहुंचा चुका है। नेटवर्क में शामिल अन्य ड्रग्स पैडलरों की जानकारी मिली है, जिन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपी

  1. सुरजदीप सिंह (19 वर्ष), निवासी मझरा पूर्व, थाना परवाहा, जिला लखीमपुर खीरी
  2. करनेल सिंह (35 वर्ष), निवासी दरलाजपुर, थाना सिंघाही, जिला लखीमपुर खीरी
  3. गुरमीत सिंह (48 वर्ष), निवासी बेलराजपुर, थाना सिंघाही, जिला लखीमपुर खीरी

इनमें से एक अभियुक्त के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

बरामदगी

  • करीब 800 ग्राम हेरोइन
  • पल्सर मोटरसाइकिल (बिना नंबर)

एसटीएफ का सख्त संदेश

एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी संगठित अपराधों की रीढ़ है, जिससे हथियारों की तस्करी, टारगेट किलिंग, आतंकवादी गतिविधियां और मानव तस्करी जैसे अपराधों को बढ़ावा मिलता है। युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले “बड़े मगरमच्छों” के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

उत्तराखंड पुलिस की यह कार्रवाई राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम मानी जा रही है।

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