देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य हित में कई अहम फैसले लेते हुए सुशासन, पारदर्शिता और विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने जहां राजाजी राष्ट्रीय पार्क में हुई वन आरक्षी परीक्षा-2013 की अनियमितताओं की दोबारा जांच के आदेश दिए, वहीं राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और पहाड़ी क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की सौगात भी दी है।
मुख्यमंत्री धामी ने राजाजी राष्ट्रीय पार्क में वन आरक्षी (सामयिक मजदूरों से भर्ती) परीक्षा-2013 में हुई गड़बड़ियों की जांच को पुनः मंजूरी दी है। इस मामले में सेवानिवृत्त अधिकारी एच.के. सिंह आरोपी हैं। जांच की जिम्मेदारी प्रमुख वन संरक्षक और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखंड रंजन कुमार मिश्र को सौंपी गई है, जबकि चकराता वन प्रभाग के उप वन संरक्षक वैभव कुमार को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा चलाए जा रहे धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत प्रकरण में आरोपित अखिलेश तिवारी (अप्रा. आईएफएस), तत्कालीन उपवन संरक्षक कालागढ़ टाइगर रिजर्व, लैंसडाउन के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति को भी मंजूरी दे दी है।
कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के स्वायत्तशासी निकायों और उपक्रमों में कार्यरत कर्मियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब पांचवें वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत और छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी एक जुलाई 2025 से प्रभावी होगी।
राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री धामी ने नई पहल को मंजूरी दी है। पहले चरण में नगर निगम पिथौरागढ़, नगर पालिका परिषद बाड़ाहाट (उत्तरकाशी) और नगर पंचायत गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन राजधानी) को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए कुल 39.68 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इनमें 17 नगर निकायों में “देवभूमि रजत जयंती पार्क” के निर्माण के लिए 13.46 करोड़, देहरादून में गंगोत्री विहार नलकूप खनन कार्यों के लिए 2.22 करोड़, शिवालिक नगर पम्पिंग जलापूर्ति योजना के पुनर्गठन हेतु 6.81 करोड़, अमृत 2.0 स्टेट वाटर एक्शन प्लान-2 के तहत 3.25 करोड़, नगरीय पेयजल योजनाओं में एएमआर वाटर मीटर लगाने के लिए 10 करोड़ और चम्पावत जिले के बनबसा क्षेत्र में 10 किलोमीटर आंतरिक सड़कों के सुधार के लिए 3.94 करोड़ रुपये शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास की नीति पर आगे बढ़ रही है। जनहित और राज्य के समग्र विकास के लिए हर फैसला प्राथमिकता के साथ लिया जा रहा है।
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