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ग्राम प्रधान की उदासीनता से बदहाली की ओर बढ़ रहा है गंगापुर कबड़वाल का भांदेवनवाड़ गांव!
जंगली जानवरों की दहशत और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं ग्रामीण!
हल्दूचौड़।
जंगल से सटे गंगापुर कबड़वाल के भांदेवनवाड़ गांव की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान की लगातार उपेक्षा और उदासीन रवैये के चलते वह बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। जंगली हाथी और लैपर्ड की बढ़ती आवाजाही से गांव की सुरक्षा खतरे में है, लेकिन इसके बावजूद गांव में रात के समय रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
भांदेवनवाड़ के एकमात्र सार्वजनिक हैंडपंप पर सोलर लाइट न लगना ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। अंधेरे में पानी भरने जाना ग्रामीणों  लिए डरावना अनुभव बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार से मिलने वाली सोलर लाइटें मनमाने तरीके से आवश्यकता वाली जगहों के बजाय बेतरतीब जगहों पर लगाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
गांव के लोग आरोप लगा रहे हैं कि न तो सड़क विकास की ओर ध्यान दिया जा रहा है और न ही सुरक्षा इंतजामों की। परिणामस्वरूप गांव विकास की राह में नहीं, बल्कि बदहाली की ओर आगे बढ़ता दिख रहा है।
ग्रामीणों की शिकायतों के बाद खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि गांव को सोलर लाइट, सुरक्षा, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भांदेव नवाड़ को बदहाली से बाहर निकालकर विकास की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके।
भांदेव नावाड़ के ग्रामीणों की उम्मीद अब प्रशासनिक हस्तक्षेप पर टिकी है, जो उनके अनुसार गांव की बदलती तस्वीर का अंतिम सहारा है।

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उत्तराखंड