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लालकुआँ में स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही धज्जियां
नगर पंचायत कर्मियों ने आरक्षित वन क्षेत्र को बना दिया कूड़ाघर, अफसर बेखबर।

लालकुआँ।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को साफ-सुथरा रखने के दावे लालकुआँ में खोखले साबित हो रहे हैं। नगर पंचायत के ही सफाई कर्मचारी अपने अधिकारियों के आदेशों को खुलेआम ठेंगा दिखाते हुए आरक्षित वन क्षेत्र में कूड़ा डाल रहे हैं। स्थिति यह है कि चेतावनी बोर्ड लगे होने के बावजूद वहां लगातार कचरे के ढेर लगाए जा रहे हैं।
मामला वार्ड नंबर एक का है, जहां कूड़ा फेंकने पर रोक संबंधी चेतावनी बोर्ड स्पष्ट रूप से लगा हुआ है। यह बोर्ड पूर्व अधिशासी अधिकारी राहुल सिंह द्वारा लगाया गया था, ताकि आरक्षित वन क्षेत्र को कूड़ाघर बनने से बचाया जा सके। इसके बावजूद नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों द्वारा उसी स्थान पर रोजाना कूड़ा डाला जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे के ढेर से बदबू और गंदगी फैल रही है, जिससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले में गहरी नींद में सोए हुए हैं।
सबसे हैरानी की बात यह है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जागरूकता फैलाने वाले ही कर्मचारी इस अभियान को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। यदि जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो जहां आरक्षित वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंच सकता है वहीं आसपास के क्षेत्र में संक्रमित बीमारी फैल सकती है ।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और आरक्षित वन क्षेत्र में कूड़ा डालने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि स्वच्छ भारत मिशन की मंशा को सही मायनों में धरातल पर उतारा जा सके।

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