दर्पण न्यूज़ 24/7 | एक्सक्लूसिव | देहरादून ब्यूरो
रिपोर्ट: प्रमोद बमेटा
पेंशन बहाली की मांग को लेकर संघर्षरत सेवानिवृत्त कर्मचारियों का धरना 75वां दिन भी जारी।
लालटेन जुलूस निकाल सरकार को दी चेतावनी।।
आगामी कैबिनेट में निर्णय न हुआ तो राज्यपाल से लेंगे इच्छा मृत्यु की अनुमति।
देहरादून।
लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति का आंदोलन आज 75वें दिन भी जारी रहा। लोकनिर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने क्रमिक अनशन और धरना प्रदर्शन किया। पेंशन बहाली की मांग को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने दिन में लालटेन जलाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सरकार के प्रति रोष खुलकर सामने आया।
संयुक्त संघर्ष समिति के प्रान्तीय अध्यक्ष खेमराज सिंह कुंडरा ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में राज्य सरकार ने पहले चरण में केवल 20 प्रतिशत कर्मचारियों को पेंशन दी, लेकिन शेष लगभग 700 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन रोक दी गई है। पेंशन रुकने से वृद्धावस्था में कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने बताया कि पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी 3 अक्टूबर 2025 से निरंतर धरने पर हैं, बावजूद इसके सरकार को उनकी पीड़ा दिखाई नहीं दे रही।
“यह न्याय नहीं, अन्याय है। सेवानिवृत्त होने के बाद भी हमें अपना हक पाने के लिए सड़कों पर बैठना पड़ रहा है,” कुंडरा ने कहा।
प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दी गई कि यदि आगामी कैबिनेट बैठक में अवशेष सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन बहाल नहीं की गई, तो समिति राज्यपाल से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगने को मजबूर होगी। वक्ताओं ने इसे शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता करार देते हुए पुरजोर विरोध दर्ज कराया।
इस अवसर पर रामराज मोर्य, रमेश नेगी, खड़क सिंह धामी, मनोहर चंद्र पोडे सहित कई सेवानिवृत्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
संयुक्त संघर्ष समिति ने एक बार फिर सरकार से अपील की कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शेष कर्मचारियों की पेंशन तत्काल बहाल की जाए, ताकि बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारी सम्मानजनक जीवन जी सकें।
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