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वन भूमि पर बसे लोगों के मुद्दे पर सियासत तेज।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग।
दर्पण न्यूज 24/7ब्यूरो देहरादून।
ऋषिकेश के पशुलोक और उससे लगे 2866 एकड़ भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद उत्तराखंड में वन भूमि पर बसे हजारों परिवारों की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने की मांग की है।
यशपाल आर्य ने पत्र में कहा है कि राज्य का 65 प्रतिशत से अधिक भूभाग वन क्षेत्र है और प्रदेश के पर्वतीय, भावर, तराई व मैदानी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पीढ़ियों से वन भूमि पर निवास कर रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद यदि वन विभाग ने एकतरफा कार्रवाई की, तो इससे हजारों परिवारों के उजड़ने का खतरा पैदा हो सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में ऋषिकेश के पशुलोक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं है। हल्द्वानी का दमुवाढुंगा, गौलापार का बागजाला, रामनगर के वन ग्राम, नैनीताल जिले का बिंदुखत्ता, पिंडर घाटी और पौड़ी जिले के कई गांव पहले से ही इसी तरह की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
यशपाल आर्य ने सरकार पर वनाधिकार कानून 2006 को प्रभावी ढंग से लागू न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में इस कानून के तहत लोगों को वन भूमि पर अधिकार दिए गए, लेकिन उत्तराखंड में अब भी वर्षों से बसे लोगों को कब्जेदार माना जा रहा है। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की संस्तुति के बावजूद सरकार द्वारा निर्णय न लेना इसका उदाहरण है।
पत्र में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह मुद्दा मानव-वन संघर्ष के बाद सरकार और नागरिकों के बीच बड़े टकराव का रूप ले सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वन भूमि पर निवासरत लोगों के अधिकार, उनकी सामाजिक स्थिति और वनाधिकार कानून से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए, ताकि कोई व्यावहारिक, संवैधानिक और मानवीय समाधान निकाला जा सके।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता और अब विपक्ष की ओर से विशेष सत्र की मांग के चलते यह मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का बड़ा केंद्र बिंदु बनता नजर आ रहा है।