डोली यात्रा में बवाल: 51 पर मुकदमा, गुंडा एक्ट लगाने के संकेत।
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो रुद्रप्रयाग!
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर रुद्रप्रयाग जनपद के केदारनाथ हाईवे स्थित अगस्त्यमुनि क्षेत्र में अगस्त्य मुनि महाराज की डोली यात्रा के दौरान उत्पन्न हुआ विवाद अब गंभीर प्रशासनिक कार्रवाई में बदल गया है। घटना के बाद पुलिस ने 51 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, वहीं जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों पर गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
मकर संक्रांति के अवसर पर अगस्त्य मुनि महाराज की डोली मंदिर से प्रस्थान कर अगस्त्य ऋषि मैदान, अगस्त्यमुनि पहुंचने वाली थी। इसी दौरान मैदान में पहले से ही सैकड़ों श्रद्धालु अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे और डोली के पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे थे। जब डोली यात्रा मैदान के मुख्य द्वार पर पहुंची तो गेट ऊपर से बंद मिला। डोली को प्रवेश न मिलने पर मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
आक्रोश बढ़ने पर कुछ लोगों ने मैदान के मुख्य गेट पर चढ़कर उसे तोड़ दिया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। कुछ समय के लिए केदारनाथ हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया।
प्रशासन का कहना है कि डोली यात्रा के लिए पहले ही दो वैकल्पिक मार्ग प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन आयोजकों और आंदोलनरत समूहों द्वारा उन मार्गों को स्वीकार नहीं किया गया। प्रशासन के अनुसार तय व्यवस्था का पालन न होने और जबरन प्रवेश की कोशिश के चलते यह विवाद उत्पन्न हुआ।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 51 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और दोषियों की संख्या बढ़ सकती है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए दो टूक कहा है कि धार्मिक आस्था के नाम पर कानून को हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, शांति व्यवस्था भंग करने और प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ने पुलिस को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन, आयोजकों व स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि रुद्रप्रयाग में आस्था के साथ अनुशासन भी अनिवार्य है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
