हरिपुर भानदेव गांव में तारबाड़ की बंदरबांट का आरोप, मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नदारद!
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं!
नैनीताल जिले के गंगापुर कबड़वाल से सटे हरिपुर भानदेव गांव में कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा स्वीकृत सुरक्षा तारबाड़ को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जंगल से सटे खेतों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए जिला योजना मद से स्वीकृत तारबाड़ को निर्धारित स्थल पर न लगाकर अन्यत्र लगाए जाने का मामला उजागर हुआ है, जिससे किसानों में भारी रोष है।
शिकायतकर्ता हेमचन्द्र सनवाल निवासी हरिपुर भानदेव ने मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर दर्ज शिकायत में बताया कि ग्राम प्रधान ललित मोहन सनवाल द्वारा तारबाड़ जंगल के किनारे न लगाकर टुकड़ों टुकड़ों में अपने चहेतो को बांटकर योजना के उदेश्य को पलीता लगा दिया है,व्यवस्थित तरीके से तारबाड़ न लगाए जाने के चलते किसानों की फसलें आज भी जंगली/आवारा जानवरों की चपेट में आ रही हैं। विभाग द्वारा दोबारा सामग्री उपलब्ध कराए जाने के बावजूद भी जंगल के किनारे तारबाड़ नहीं लगाई जा रही है।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, हल्द्वानी ने अवगत कराया कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में क्षेत्रीय कार्मिकों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया, जिसमें लगभग 700 मीटर तारबाड़ लगी पाई गई। ग्राम प्रधान गंगापुर कबड़वाल ने शेष 410 मीटर कार्य 10 दिनों के भीतर पूर्ण करने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, शिकायतकर्ता ने मौके पर यह भी बताया कि उनका क्षेत्र आवंटित घेरबाड़ से वंचित है और जानवरों से लगातार फसल हानि हो रही है। सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि ग्राम हरिपुर भानदेव हेतु लगभग 1000 मीटर अतिरिक्त तारबाड़ की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल (शिकायत संख्या: CMHL-092025-11-835275, दिनांक 03 सितंबर 2025) पर शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जंगल के किनारे तारबाड़ नहीं लगाई गई तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
इधर विभाग द्वारा हाल ही में 850 मीटर तारबाड़ उपलब्ध कराई गई है, जिसे क्षेत्र पंचायत सदस्य भुवन प्रसाद के सहयोग से गांव के पूर्वी छोर पर लगाया जा रहा है। किंतु इससे पूर्व जिला योजना मद में आई तारबाड़ को कथित तौर पर अपने चहेतों में टुकड़ों में बांटकर बंदरबांट किए जाने के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों ने खेतों की सुरक्षा के लिए स्वीकृत उक्त तारबाड़ अपनी निजी गौशालाओं में लगा रखी है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब निर्धारित स्थल के लिए स्वीकृत तारबाड़ वहां लगी ही नहीं, तो विभाग मौन क्यों है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा अविलंब जंगल से सटे क्षेत्र में तारबाड़ का कार्य पूर्ण कराने की मांग की है, ताकि फसलों को जंगली जानवरों से बचाया जा सके।