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बेरीपड़ाव के पास हाईवे पर दर्दनाक हादसा!
डंपर की चपेट में आने से स्कूटी सवार युवक की मौत, युवती गंभीर — राजमार्ग सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल!
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर के समीप शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ बैठी युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई तथा हाईवे सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार हिम्मतपुर चौमवाल निवासी 32 वर्षीय कार्तिक कांडपाल पुत्र कृष्ण नंद कांडपाल शनिवार प्रातः करीब 10 बजे स्कूटी से हल्दूचौड़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गांव की 25 वर्षीय नेहा कांडपाल पुत्री पुष्कर कांडपाल ने उनसे लिफ्ट लेकर स्कूटी पर सवार हो गई। नेहा एक निजी कंपनी अशोक लीलैंड में कार्यरत बताई जा रही है।
बताया गया है कि गांव की सड़क से राष्ट्रीय राजमार्ग पर चढ़ने के बाद स्कूटी सवार ने आगे चल रहे डंपर (संख्या यूके-18-सीए-3035) को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान स्कूटी अनियंत्रित होकर डंपर के नीचे जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि कार्तिक कांडपाल का सिर डंपर के नीचे आने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वहीं पीछे बैठी नेहा कांडपाल के सिर में गंभीर चोट आई। स्थानीय लोगों की सहायता से उसे तत्काल उपचार के लिए डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी भेजा गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हाईवे सुरक्षा पर फिर खड़े हुए प्रश्न
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने राजमार्ग के सभी बेतरतीब कटो को दुर्घटना संभावित स्थल बताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रबंधन की कमी पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि यहां भारी वाहनों की तेज रफ्तार, सुरक्षित कट और चेतावनी संकेतों के अभाव के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग
स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से राजमार्गों में गति नियंत्रण, संकेतक बोर्ड, सर्विस लेन तथा सुरक्षित एंट्री व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के संबंध में जांच जारी है।
बेरीपड़ाव का यह हादसा एक बार फिर संकेत दे रहा है कि तेज रफ्तार और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था राष्ट्रीय राजमार्गों को आमजन के लिए जानलेवा बना रही है।

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