कॉर्पोरेट माफियाओं के इशारे पर काम कर रहा प्रशासन: उपपा।
रामनगर में शुरू हुआ उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का महाअधिवेशन, सरकार की नीतियों पर जमकर बरसे नेता!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता करन तिवारी
रामनगर। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के द्विवार्षिक महाअधिवेशन का आगाज सोमवार को रामनगर स्थित अग्रवाल सभा भवन में हुआ। अधिवेशन के पहले दिन पार्टी नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन पूरी तरह कॉर्पोरेट घरानों और माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है, जबकि आम जनता के मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
महाअधिवेशन को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने कहा कि वर्ष 2009 में अस्तित्व में आई उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी आज प्रदेश के किसानों, मजदूरों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों की सशक्त आवाज बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जब-जब जनता का उत्पीड़न हुआ, उपपा सबसे पहले संघर्ष के मैदान में उतरी।
तिवारी ने केंद्र सरकार की नीतियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और जवाबदेही तय करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपक्रमों को औने-पौने दामों में निजी हाथों में सौंपा जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पार्टी के प्रधान महासचिव प्रभात ध्यानी ने द्विवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में पार्टी ने जनसरोकारों के मुद्दों को मजबूती से उठाया है। उन्होंने धामी सरकार पर भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश का शासन-प्रशासन पूरी तरह कॉर्पोरेट माफियाओं के इशारों पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले चाहे विपक्ष से हों, सत्ता पक्ष से हों या फिर मीडिया से जुड़े लोग, सभी के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। लोकतांत्रिक असहमति को दबाने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं।
उपपा नेताओं ने जनता से एकजुट होकर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय लोकतंत्र और जन अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक साबित होगा।
अधिवेशन के दूसरे दिन विभिन्न जन आंदोलनों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे तथा प्रदेश के जन मुद्दों को लेकर आगामी रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय पदाधिकारी नरेश नौडियाल, कुलदीप मधवाल, जेपी बडोनी, दिनेश उपाध्याय, आनंदी वर्मा, नारायण राम, अमीनुर रहमान, भोपाल रावत, राजकुमार त्यागी, प्रकाश जोशी, मनमोहन अग्रवाल, लालमणि, आसिफ, किरण आर्य, भारती पांडे, जनकवि बल्ली सिंह चीमा, पत्रकार चारु तिवारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
