जिसे मरा समझकर कर दिया अंतिम संस्कार, वह शांति पाठ के बीच घर लौट आया!
18 जुलाई को मिला था अज्ञात शव, भाई ने कमल सिंह के रूप में की थी पहचान; 21 जुलाई को कर दिया गया था अंतिम संस्कार
डेढ़ साल से घर से बाहर था कमल, ग्वालियर से फोन पर पत्नी ने बुलाया तो गांव पहुंचते ही मच गया हड़कंप
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक ऐसा अजब-गजब मामला सामने आया है, जिसने पुलिस से लेकर परिवार और पूरे गांव को हैरान कर दिया। जिस शख्स को परिजनों ने मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया, उसके घर पर शांति पाठ चल ही रहा था कि वह शख्स अचानक जीवित अवस्था में घर पहुंच गया। उसे सामने खड़ा देख परिवार के होश उड़ गए और गांव में भी सनसनी फैल गई।
मामला अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर अड्डा गांव का है। यहां के रहने वाले कमल सिंह रैदास करीब डेढ़ साल से अपने घर से बाहर रह रहे थे। बताया जा रहा है कि काम की तलाश में वह पहले पंजाब गए और बाद में ग्वालियर में रहने लगे।
इधर, 18 जुलाई को नेशनल हाईवे के किनारे एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए प्रयास किए, लेकिन इसी बीच 20 जुलाई को दशरथ सिंह ने शव की पहचान अपने छोटे भाई कमल सिंह के रूप में कर दी। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने 21 जुलाई को शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट इसके बाद आया।
कमल की पत्नी सुनीता को किसी तरह उस मोबाइल नंबर का पता चला, जिस पर कमल पहले बातचीत करता था। सुनीता ने उस नंबर पर फोन किया तो दूसरी तरफ से आवाज कमल की ही थी। बातचीत होते ही सुनीता ने उसे तत्काल घर लौटने को कहा। कमल उस समय ग्वालियर में था।
पत्नी का फोन आने के बाद कमल गांव पहुंचा तो उसके घर में उसी का शांति पाठ चल रहा था। जिसे परिवार मृत मानकर अंतिम विदाई दे चुका था, वह अचानक जिंदा सामने खड़ा था। कमल को देखते ही परिवार के लोग ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए। किसी को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था।
मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस अज्ञात शव को कमल सिंह समझकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया, आखिर वह शव किसका था?
पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। अब अज्ञात शव की दोबारा पहचान कराने के साथ ही उसके वास्तविक परिजनों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, कमल की गलत पहचान कैसे हुई और पुलिस की प्रक्रिया में यह चूक किस स्तर पर हुई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल, जिस कमल सिंह को परिवार मृत समझकर अंतिम विदाई दे चुका था, उसका यूं जिंदा लौटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
