पवन की मौत के मामले में क्रशर संचालक और डंपर स्वामी ने जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशाशन की मौजूदगी में परिजनों से किया समझौता।
मृतक के पिता को क्रशर संचालक पक्ष ने 7 लाख का चैक 50हजार नकद और डंपर स्वामी ने 50 हजार रुपये नकद दिए, संभ्रांत लोगों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में हुआ आपसी समझौता।
लालकुआं। गोरापड़ाव क्षेत्र स्थित स्टोन क्रशर में रेत के नीचे दबने से हुई डंपर हेल्पर पवन सिंह की मौत के मामले में मृतक के परिजनों और संबंधित पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है। समझौता पत्र के अनुसार क्रशर संचालक पक्ष की ओर से मृतक के आश्रित पिता को सात लाख रुपये का चेक और 50 हजार रुपये नकद दिए गए हैं। वहीं, डंपर स्वामी और मृतक के परिजनों के बीच हुए अलग समझौते के तहत डंपर स्वामी ने भी 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है। इस तरह मृतक के परिवार को कुल आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है।
समझौता पत्र के अनुसार इंद्रानगर ट्राली लाइनपार, बिंदुखत्ता निवासी मदन सिंह के पुत्र पवन सिंह वाहन संख्या यूके02सीए/0386 में परिचालक के रूप में कार्य करता था। 26 जुलाई को पवन सिंह डंपर चालक के साथ रेत भरवाने के लिए एलएससी इन्फ्राटेक लिमिटेड के क्रशर परिसर में गया था। समझौता पत्र में दर्ज विवरण के अनुसार डंपर चालक वाहन को रेत भरने वाले स्थान पर खड़ा कर भोजन करने चला गया था। चालक की गैरमौजूदगी में पवन सिंह वाहन का डाला लगाने के लिए डंपर के अंदर गया था।
समझौता पत्र में कहा गया है कि रेत भरने वाली मशीन के ऑपरेटर को वाहन के अंदर पवन सिंह की मौजूदगी की जानकारी नहीं थी। इसी दौरान मशीन से डंपर में रेत भर दी गई, जिससे पवन सिंह रेत के नीचे दब गया। इसके बाद चालक डंपर को रेत से भरा हुआ हल्द्वानी के काठगोदाम रोड क्षेत्र स्थित निर्माण स्थल तक ले गया और वहां रेत अनलोड की गई। उस समय तक संबंधित लोगों को घटना की जानकारी नहीं होने की बात समझौता पत्र में कही गई है।
रेत अनलोड किए जाने के बाद निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को रेत में मानव शरीर के अंग दिखाई दिए। इसके बाद मजदूरों ने आसपास के लोगों को एकत्र किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस की जांच के दौरान रेत में दबे शव की पहचान पवन सिंह के रूप में हुई।
समझौता पत्र में इस पूरी घटना को अनजाने में हुई दुर्घटना बताते हुए किसी की गलती नहीं होने की बात कही गई है। इसके बाद मृतक के पिता मदन सिंह और एलएससी इन्फ्राटेक लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि के बीच आपसी समझौता हुआ। समझौते के तहत द्वितीय पक्ष की ओर से मृतक के आश्रित पिता को सात लाख रुपये का चेक संख्या 378179, दिनांक 27 जुलाई 2026, भारतीय स्टेट बैंक हल्द्वानी का दिया गया। इसके अलावा 50 हजार रुपये नकद दिए जाने का उल्लेख है। इस प्रकार क्रशर संचालक पक्ष की ओर से कुल 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
वहीं, डंपर स्वामी और मृतक के परिजनों के बीच भी अलग से आपसी समझौता हुआ। इसके तहत डंपर स्वामी की ओर से मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इस तरह दोनों समझौतों के तहत मृतक के परिवार को कुल आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली।
समझौता पत्र के अनुसार मृतक के पिता ने क्रशर संचालक पक्ष के विरुद्ध किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने और भविष्य में भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने की सहमति दी है। समझौते पर प्रथम और द्वितीय पक्ष के हस्ताक्षर के साथ गवाहों के रूप में तमाम जनप्रतिनिधियों क्षेत्रवासियों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।
