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हरिपुर बच्ची लिंक मार्ग की बदहाली पर ग्रामीणों का धरना, क्रशरों के  वाहनों की आवाजाही रोकी!

धीरे-धीरे बढ़ रहा आंदोलन को समर्थन, कांग्रेस नेताओं के पहुंचने से गरमाया माहौल, मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र रूप ले सकता है ग्रामीणों का आंदोलन!

हल्दूचौड़।

ग्राम पंचायत बमेटा बंगर केशव के हरिपुर बच्ची लिंक मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब धरने और विरोध-प्रदर्शन के रूप में सामने आ गया है। करीब 200 मीटर सड़क के गड्ढों और कीचड़ में तब्दील होने से नाराज ग्रामीणों ने राजमार्ग किनारे धरना शुरू कर दिया। आंदोलन के दौरान तीन स्टोन क्रशरों की ओर जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही रोककर ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का कहना है कि हरिपुर बच्ची लिंक मार्ग पर तीन स्टोन क्रशर हैं और इनकी वजह से दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से करीब 200 मीटर सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। बरसात के बाद सड़क की हालत और खराब हो गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर विकास कार्यों के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गांव का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत के बजाय स्थायी निर्माण की मांग उठाई है। साथ ही क्रशरों के भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से सड़क को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

ग्राम प्रधान जीवंती बमेटा के पुत्र एवं प्रधान प्रतिनिधि कार्तिक बमेटा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आंदोलन शुरू किया है। कार्तिक बमेटा ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क की समस्या झेल रहे हैं। अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सड़क का स्थायी निर्माण कराने के साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना होगा और सड़क को नुकसान पहुंचाने वालों की जिम्मेदारी तय करनी होगी।

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के अलावा मार्ग पर सोलर लाइट लगाने, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, फलदार पौधों का रोपण कराने और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही सड़क बनने के बाद नियमित सफाई और पानी का छिड़काव तथा मार्ग की सुरक्षा के लिए सोलर कैमरे लगाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। कांग्रेस अनुशासन समिति के जिलाध्यक्ष उमेश कबड़वाल, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष कैलाश दुमका, दया किशन बमेटा, भुवन गरवाल और केशव दत्त बमेटा समेत कांग्रेस कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया।

उमेश कबड़वाल ने कहा कि ग्रामीणों की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि सड़क पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही बंद कराने के साथ ही सड़क निर्माण होने तक संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस नेताओं के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद आंदोलन को मिल रहे समर्थन ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।

ग्रामीणों के तेवरों से साफ है कि मामला अब सिर्फ सड़क की बदहाली तक सीमित नहीं रहने वाला। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। जिस तरह धीरे-धीरे ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन मिल रहा है, उससे आने वाले दिनों में आंदोलन के और उग्र रूप लेने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल ग्रामीणों ने क्रशरों के भारी वाहनों की आवाजाही रोककर अपना विरोध दर्ज करा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं या फिर करीब 200 मीटर सड़क को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में बड़ा रूप लेता है।

धरने में कैलाश बमेटा, कार्तिक तिवारी, पूरन चंद्र दुमका, चंद्र प्रकाश पांडे, कपिल राणा, योगेश दुमका, कमलेश बमेटा, हिमांशु बमेटा, पीयूष भट्ट, प्रेम दुमका, देवीदत्त बमेटा समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।

फोटो कैप्शन: हरिपुर बच्ची लिंक मार्ग की बदहाली को लेकर धरना देते ग्रामीण और समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेता।

उत्तराखंड