








मलबे में दबेगा मामला या खुलेगा ध्वस्तीकरण का राज?
यूसीएफ की पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित, एसडीएम ने भी तलब की है पत्रावली, अब एक सप्ताह बाद सामने आएगा खुदाई और मलबे के निस्तारण का सच!
लालकुआं। हल्दूचौड़ स्थित यूसीएफ के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स में ध्वस्तीकरण के दौरान हुई गहरी खुदाई और मलबे के निस्तारण को लेकर उठे सवाल अब जांच के घेरे में हैं। एसडीएम के निरीक्षण के बाद संबंधित पत्रावली तलब की गई है। वहीं यूसीएफ प्रबंधन ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
सोयाबीन फैक्ट्री के परियोजना अधिकारी त्रिलोचन पाठक को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। जिला प्रबंधक नैनीताल प्रेमा हर्बोला, सहायक अभियंता शुभम बिष्ट, अवर अभियंता मानवेंद्र सिंह और अकाउंटेंट दीपक तिवारी सदस्य हैं।
जांच में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि भवन ध्वस्तीकरण के दौरान जमीन की कितनी गहराई तक खुदाई हुई और उससे निकले मलबे व मिट्टी का निस्तारण किस प्रक्रिया के तहत किया गया। मलबे के साथ निकले उपखनिज के परिवहन और निस्तारण से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे।
परिसर में मौजूद विद्युत पोलों के निस्तारण पर उठे सवाल भी जांच के दायरे में हैं। यूपीसीएल के निरीक्षण में पोल उसकी संपत्ति नहीं पाए गए थे। ऐसे में उनका स्वामित्व, मूल्यांकन और निस्तारण किस प्रक्रिया से हुआ, यह भी जांच का अहम बिंदु होगा। यूसीएफ और यूपीसीएल के बीच हुए पत्राचार की भी पड़ताल की जाएगी।
टेंडर, कार्यादेश, खुदाई, मलबे की मात्रा, परिवहन और स्क्रैप निस्तारण से जुड़े दस्तावेज अब जांच के केंद्र में होंगे। एक सप्ताह में आने वाली रिपोर्ट से साफ होगा कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में केवल तकनीकी चूक हुई या फिर अनियमितता की कोई बड़ी परत भी सामने आती है।
