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कोतवाली के बगल में चोरी, कानून व्यवस्था पर सवाल!

लालकुआं में चोरों के हौसले बुलंद, पांच लाख से अधिक के जेवरात और नकदी पार!

पुलिस की नाक के नीचे वारदात से सुरक्षा व्यवस्था कठघरे में, लगातार हो रही चोरियों से लोगों में चिंता!

लालकुआं। शहर में कानून व्यवस्था और पुलिस की गश्त को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोतवाली से महज पांच मीटर की दूरी पर स्थित वनकर्मी के घर को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घर के दरवाजे का कुंडा तोड़कर हुई इस वारदात ने पुलिस की सतर्कता के दावों को चुनौती दे दी है। जब कोतवाली के ठीक बगल में ही घर सुरक्षित नहीं हैं, तो शहर के दूसरे इलाकों की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बीच अब सवाल यह है कि आखिर चोरों पर अंकुश कब लगेगा?

वार्ड नंबर चार आजाद नगर निवासी मोहिनी परिहार का मकान लालकुआं कोतवाली के ठीक बगल में स्थित है। गत दिवस वह एक रिश्तेदारी में आयोजित जन्मदिन समारोह में शामिल होने गई थीं और रात को घर नहीं लौटीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने सूने घर को निशाना बनाया। दरवाजे का कुंडा तोड़कर घर में घुसे चोर कीमती जेवरात, चांदी और नकदी समेटकर फरार हो गए। घर लौटने पर चोरी का पता चला तो उनके होश उड़ गए।

मोहिनी परिहार के मुताबिक, चोर दो सोने के मंगलसूत्र, जिनका कुल वजन दो तोले से अधिक बताया गया है, कान के टॉप्स, करीब आधा किलो चांदी, 22 हजार रुपये की नकदी और अन्य सामान चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत पांच लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। प्रभारी निरीक्षक ने मामले की जांच कर जल्द खुलासा करने की बात कही है।

कोतवाली के साये में भी सुरक्षित नहीं घर!

इस घटना का सबसे गंभीर पहलू वारदात का स्थान है। जिस मकान में चोरी हुई, वह पुलिस कोतवाली से महज पांच मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या क्षेत्र में पुलिस की गश्त और निगरानी पर्याप्त है? क्या संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था प्रभावी है? हालांकि जांच पूरी होने से पहले पुलिस की किसी चूक को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन कोतवाली के ठीक बगल में हुई वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत जरूर सामने ला दी है।

लगातार चोरी की घटनाएं, कब लगेगा अंकुश?

लालकुआं कोतवाली क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को लेकर उठ रही चिंताएं पुलिस के सामने बड़ी चुनौती हैं। घरों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर लोगों को भरोसा तभी मिलेगा, जब ऐसी वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और पुराने मामलों में भी ठोस कार्रवाई नजर आएगी। केवल जांच शुरू करने और जल्द खुलासे का भरोसा देने से लोगों की चिंता दूर नहीं होगी। जरूरी है कि पुलिस गश्त, रात्रिकालीन निगरानी और संदिग्धों की धरपकड़ को प्रभावी बनाया जाए।

मोहिनी परिहार के पति स्वर्गीय भीम सिंह वन विभाग में कार्यरत थे। उनके पुत्र वीरेंद्र परिहार वर्तमान में टांडा रेंज में डिप्टी रेंजर के पद पर तैनात हैं। इसके बावजूद परिवार के घर में हुई इस चोरी ने आसपास के लोगों को हैरान कर दिया है।

अब निगाहें पुलिस की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। सीसीटीवी फुटेज से चोरों का सुराग मिलता है या मुखबिर तंत्र कोई महत्वपूर्ण जानकारी जुटाता है, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन इस वारदात ने लालकुआं पुलिस के सामने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है—जब कोतवाली के ठीक बगल में ही चोर बेखौफ वारदात को अंजाम दे सकते हैं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर भरोसा किस आधार पर करे?

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