खबरें शेयर करें -

गौला खनन में ‘वजन नीति’ पर भड़के खनन व्यवसाई डीएलएम से मिला शिष्टमंडल — दो दिन निकासी रोकने की मांग।
दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी।
गौला नदी से उपखनिज निकासी में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को लेकर गौला खनन मजदूर उत्थान समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को लॉगिंग प्रबंधक (डीएलएम) गौला से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई। समिति अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने वन विभाग द्वारा लागू की गई वजन संबंधी व्यवस्था को मजदूरों और वाहन स्वामियों के साथ अन्यायपूर्ण बताया।
रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत 185 कुंतल से अधिक वजन होने पर केवल एक दिन की निकासी रोकी जा रही है, जबकि पूर्व में 200 कुंतल से अधिक वजन होने पर वाहन को वापस खाली कराया जाता था। समिति का कहना है कि वर्तमान नीति से नियमों की अवहेलना को बढ़ावा मिल रहा है और अनुशासन खत्म हो रहा है।
उन्होंने निगम से मांग की कि 185 कुंतल से अधिक वजन पर एक दिन तथा इससे अधिक वजन लाने पर दो दिन की निकासी पर रोक का प्रावधान किया जाए, ताकि नियमों का सख्ती से पालन हो सके।
वहीं जिलाधिकारी द्वारा गौला नदी में चल रहे वाहनों पर तिरपाल अनिवार्य करने के निर्देशों पर भी समिति ने आपत्ति जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि गौला नदी से निकलने वाला आरबीएम गीला रहता है, जिससे धूल नहीं उड़ती। उपखनिज वाहन की बॉडी के भीतर रहता है, ऐसे में तिरपाल लगाने का दबाव व्यावहारिक नहीं है। समिति ने वाहन मालिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किए जाने की मांग उठाई।
शिष्टमंडल में रमेश जोशी के अलावा विजय बिष्ट, दीपू धोनी, तवीन्द्र ऐठानी, दयाल सिंह, हरीश सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड