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🔥 उधम सिंह नगर में कांग्रेस का संग्राम! नए जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद फूटा असंतोष, कई पार्षदों ने दिया इस्तीफा।

रुद्रपुर/देहरादून।
उत्तराखंड कांग्रेस में हाल ही में हुए संगठनात्मक फेरबदल ने पार्टी के भीतर फिर से आंतरिक कलह की आग भड़का दी है। पार्टी हाईकमान द्वारा नए जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों की घोषणा के बाद उधम सिंह नगर में असंतोष खुलकर सामने आ गया है।

कांग्रेस नेतृत्व ने एक बार फिर हिमांशु गाबा को उधम सिंह नगर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि रुद्रपुर महानगर अध्यक्ष पद से सी.पी. शर्मा को हटाकर महिला कार्यकर्ता ममता रानी को नई जिम्मेदारी दी गई है। हाईकमान के इस फैसले से एक पक्ष जश्न मना रहा है, तो दूसरा खेमा खुलकर विरोध के मूड में है।रुद्रपुर नगर निगम के कई कांग्रेस पार्षदों ने सिटी क्लब में प्रेस वार्ता कर पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। पार्षदों का कहना है कि पहले से ही कांग्रेस की चुनावी स्थिति कमजोर है, और ऐसे समय में पुराने जिलाध्यक्ष को दोबारा जिम्मेदारी देना, साथ ही तेजतर्रार कार्यकर्ताओं की अनदेखी, पार्टी को और कमजोर करने वाला कदम है।

 

पार्षदों ने आरोप लगाया कि पार्टी हाईकमान ने स्थानीय नेताओं की राय को दरकिनार कर यह निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब वे कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, और न ही पार्टी के लिए कोई संगठनात्मक कार्य करेंगे।इस ताज़ा फेरबदल के बाद रुद्रपुर में कांग्रेस दो गुटों में बंटी दिखाई दे रही है। आने वाले चुनावों से पहले पार्टी के लिए एकता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। यदि यह आंतरिक मतभेद नहीं सुलझा, तो कांग्रेस को मैदान में उतरने से पहले ही भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

🗣️ राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह के असंतोष से कांग्रेस की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक मजबूती पर गहरा असर पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकमान किस तरह इन बगावती सुरों को शांत कर पाता है।

 

 

📍रिपोर्ट: दर्पण न्यूज़ 24*7

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