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गंगापुर डी-क्लास नहर प्रकरण: जेडी मिनरल्स ने मानी चूक, नीमा जोशी की पहल से प्रशासन हरकत में।

हल्दूचौड़।
क्षेत्र के गंगापुर डी-क्लास में नहर पाटे जाने का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ग्रामीणों की सिंचाई व्यवस्था से जुड़े इस गंभीर प्रकरण को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नीमा दयाकिशन जोशी द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन और संबंधित कंपनी हरकत में आई है।
नहर पाटे जाने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए नीमा जोशी ने तहसील से लेकर केनाल विभाग तक लगातार फरियाद की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामला मीडिया में आने के बाद दबाव बढ़ा तो आखिरकार जेडी मिनरल्स कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली।
विवाद बढ़ने पर जेडी मिनरल्स ने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की सिंचाई किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। कंपनी के सीईओ नितिन मेर ने कहा कि केनाल विभाग के साथ समन्वय बनाकर नहर का विधिवत और तकनीकी मानकों के अनुरूप निर्माण कराया जाएगा, ताकि किसानों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
वहीं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नीमा दयाकिशन जोशी ने कहा कि नहर पाटे जाने से किसानों के अधिकारों पर सीधा खतरा पैदा हो गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक नहर का नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ा है और ग्रामीण हितों से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
इधर, पूरे मामले को केनाल विभाग ने भी गंभीरता से लिया है। विभाग के एसडीओ विनोद भंडारी ने बताया कि यह एक गंभीर प्रकरण है और शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक समाधान किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नहर को पूरी तरह दुरुस्त कर सुचारु किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर उनकी जीवनरेखा है। यदि भविष्य में निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई तो वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि कंपनी द्वारा गलती स्वीकारने और विभागीय आश्वासन के बाद फिलहाल ग्रामीणों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केनाल विभाग और जेडी मिनरल्स प्रबंधन अपने वादों को जमीन पर कब तक अमलीजामा पहनाते हैं।

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