जमरानी नहर निर्माण में भारी लापरवाही! दर्जनों पेड़ गिरने की कगार पर, किसी भी पल बड़ा हादसा संभव।
लालकुआँ।
बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना के तहत हल्द्वानी से पाहवा नदी–किच्छा तक बनाई जा रही नहर में सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियां उड़ती दिख रही हैं। नहर के दोनों ओर खड़े वर्षों पुराने दर्जनों पेड़ गहरी खुदाई के कारण जड़ों से कमजोर हो गए हैं और अब किसी भी समय गिर सकते हैं। इससे क्षेत्र में बड़ी दुर्घटना की आशंका गहराती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार आईटीबीपी कैंप से 25 एकड़ रोड तक नहर का कार्य तेज़ गति से चल रहा है। कार्यदाई संस्था द्वारा JCB मशीनों से की जा रही खुदाई ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई पेड़ों की जड़ें उखड़ चुकी हैं और तने visibly झुककर सड़क की ओर लटक रहे हैं, जिससे राहगीरों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि—
नहर निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह अभाव है।
मौके पर निरीक्षण व निगरानी व्यवस्था नहीं दिखती।
यदि दुर्घटना हुई तो जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन पेड़ों में से कोई भी अचानक सड़क पर गिर गया, तो वाहन चालकों एवं पैदल राहगीरों के लिए हालात बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि—
पेड़ों की सुरक्षा,
राहगीरों की सुरक्षा,
तथा निर्माण कार्य की निरंतर साइट मॉनिटरिंग
के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएँ, ताकि किसी संभावित बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
क्षेत्रवासियों की चेतावनी साफ है—नहर निर्माण की रफ्तार अच्छी है, लेकिन निगरानी और सुरक्षा में लापरवाही जारी रही, तो इसकी कीमत किसी की जान देकर चुकानी पड़ सकती है।
