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नशे के सौदागर सक्रिय, पहरेदार मौन? कोतवाली घेरकर जनता ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम!

लालकुआँ, दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता :
लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब और मादक पदार्थों के संगठित कारोबार को लेकर जनाक्रोश तेज हो गया है। क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति के नेतृत्व में समाजसेवियों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस प्रशासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा और सात दिन के भीतर प्रभावी, सार्वजनिक और निर्णायक कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब नशे का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है तो जिम्मेदार तंत्र की कार्रवाई केवल औपचारिक क्यों नजर आ रही है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बिंदुखत्ता, हल्दुचौड़, मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव, गौला गेट और देवरामपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अवैध शराब, स्मैक, चरस, गांजा और कच्ची शराब का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। समिति का आरोप है कि युवाओं, छात्रों और बेरोजगार युवकों को योजनाबद्ध तरीके से नशे की गिरफ्त में धकेला जा रहा है, जिससे क्षेत्र की नई पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
समिति ने यह भी कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन के कारण क्षेत्र में चोरी, झपटमारी, घरेलू हिंसा और अन्य आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। कई परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। समिति का कहना है कि समय-समय पर पुलिस कार्रवाई के बावजूद अवैध कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हो पा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संघर्ष समिति ने बीट व्यवस्था की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रों में लंबे समय से एक ही कार्मिक तैनात हैं, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित होती है। समिति ने ऐसे कार्मिकों का स्थानांतरण कर संवेदनशील क्षेत्रों में नई टीम तैनात करने और बीट क्षेत्र की नियमित समीक्षा रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से अवैध नशे के खिलाफ विशेष संयुक्त अभियान शुरू करने, एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत मुख्य सप्लायरों और संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सघन गश्त बढ़ाने, नशा शिकायतों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा सात दिन के भीतर कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। साथ ही विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।
संघर्ष समिति के संयोजक पियूष जोशी ने कहा कि छिटपुट कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है और नशे के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। छात्र महासंघ अध्यक्ष आशीष बड़वाल ने लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा कर जवाबदेही तय करने की मांग की। व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप पांडे ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने और मोतीनगर क्षेत्र में शराब की दुकान को स्थायी रूप से बंद रखने की मांग उठाई।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो कोतवाली परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना, वरिष्ठ अधिकारियों का घेराव और क्रमिक अनशन किया जाएगा। समिति ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि क्षेत्र को नशामुक्त बनाना है और इस दिशा में प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान समाजसेवी हेमवती नन्दन दुर्गापाल,कमल मुनि,कलाल भंडारी,संदीप पांडे,सचिन फुलारा, देवेंद्र तिवारी, हरेंद्र असगोला, कमल जोशी, योगेश कपिल, विशाल झा, अधिवक्ता भानु कबड़वाल, खजान चंद्र आर्य, प्रवीण शर्मा, भास्कर भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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