“ताले में तिजोरी, सड़कों पर रोष—मेहनत की कमाई पर लगी रोक की चोट!”
RBI की सख्ती से दून दहला, 9000 खाताधारकों के ₹124 करोड़ अटके!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता
देहरादून।
राजधानी दून की फिज़ा उस वक्त गरमा गई जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देहरादून स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर लेन-देन की सख्त रोक लगा दी। छह महीने के इस प्रतिबंध ने करीब 9,000 ग्राहकों की ₹124 करोड़ की जमा पूंजी को अधर में लटका दिया है।
मेहनत की कमाई फंसने की खबर जैसे ही फैली, दर्शन लाल चौक स्थित मुख्य शाखा के बाहर सैकड़ों खाताधारकों का गुस्सा फूट पड़ा। “पैसा हमारा, जवाब दो तुम्हारा” जैसे नारों से बैंक परिसर गूंज उठा। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कर्मचारियों को पुलिस बुलानी पड़ी।
ठेकेदारों के ₹60 करोड़ अटके, मजदूरों का भुगतान संकट में!
सूत्रों के अनुसार ए-श्रेणी के ठेकेदारों का लगभग ₹60 करोड़ बैंक में जमा है। भुगतान अटकने से मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी संकट गहराने लगा है। मंगलवार को कई ग्राहक चेक लेकर बैंक पहुंचे, लेकिन भुगतान न होने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
एक ग्राहक संजीव वर्मा का ₹96 हजार का चेक बाउंस होने पर बैंक कर्मियों से तीखी बहस भी हुई, जिससे माहौल और भड़क उठा।
2013-14 की अनियमितताओं की जांच!
बैंक अध्यक्ष मयंक ममगाईं ने सफाई देते हुए कहा कि वर्ष 2013-14 की कुछ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है। उनके अनुसार RBI की रोक अस्थायी है और ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है। नई गाइडलाइन मिलते ही लेन-देन बहाल कर दिया जाएगा।
हालांकि अध्यक्ष और सचिव की अनुपस्थिति ने ग्राहकों के गुस्से को और हवा दी। कई वरिष्ठ व्यापारी और खाताधारक—जिनमें अचिन गुप्ता, रजत अग्रवाल और दीपेंद्र कोटनाला शामिल रहे—ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
प्रशासन और RBI से राहत की गुहार!
ग्राहकों ने जिला प्रशासन और RBI से अपील की है कि जल्द समाधान निकालकर उनकी गाढ़ी कमाई वापस दिलाई जाए। फिलहाल शहर की निगाहें RBI के अगले आदेश पर टिकी हैं—क्या राहत जल्द मिलेगी या इंतजार और लंबा होगा?
दून की सड़कों पर उठ रहा सवाल साफ है—
“क्या भरोसे की बुनियाद फिर मजबूत होगी, या तिजोरियों पर लगे ताले और कसेंगे?”
