

यूसीएफ ध्वस्तीकरण में गहरी खुदाई कर उप खनिज निकाले जाने की शिकायतों की जांच अब करेगा खनन विभाग!
डीएम के निर्देश पर जिला खनन अधिकारी ने सोयाबीन परिसर का किया निरीक्षण, जांच प्रक्रिया के बीच गहरे गड्ढों को मलबे से भरने पर भी उठे सवाल!
लालकुआं। यूसीएफ के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के दौरान परिसर में गहरी खुदाई और वहां से उपखनिज नुमा सामग्री निकलने के मामले ने अब खनन विभाग का रुख कर लिया है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मंगलवार को जिला खनन अधिकारी नवीन सिंह के नेतृत्व में टीम ने ध्वस्तीकरण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर मौजूद प्रबंधन अधिकारियों से खुदाई और गड्ढों के संबंध में जानकारी ली।
मौके पर प्रबंधक त्रिलोचन पाठक और अवर अभियंता मानवेन्द्र सिंह ने खनन विभाग की टीम को बताया कि भवनों की फाउंडेशन निकालने के कारण परिसर में गड्ढे बने हैं। ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनका समतलीकरण किया जाना है। खनन विभाग ने पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।दरअसल, ध्वस्तीकरण के दौरान परिसर में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे दिखाई देने और वहां से उपखनिज जैसी सामग्री निकलने की चर्चा के बाद मामला सुर्खियों में आया था। इसी बीच गड्ढों को जेसीबी से मलबे से भरने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। खास बात यह रही कि यह कार्रवाई उस समय हुई, जब ध्वस्तीकरण प्रकरण को लेकर उपखनिज बेचे जाने को लेकर विभागीय के साथ साथ प्रशासनिक जांच भी गतिमान है।
प्रशासनिक और विभागीय जांच के साथ साथ अब खनन विभाग की जांच में भी यह देखा जाएगा कि ध्वस्तीकरण के नाम पर परिसर में कितनी गहराई तक खुदाई हुई। खुदाई भवनों की फाउंडेशन तक सीमित थी या उससे आगे भी की गई, इसकी भी जांच होगी। इसके अलावा खुदाई से निकली सामग्री की प्रकृति, मात्रा और उसके निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी जुटाई जाएगी। यदि उपखनिज निकला था तो उसके संबंध में कोई अभिलेख या अनुमति थी अथवा नहीं, यह भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु होगा।
गौरतलब है कि मामले में विभागीय जांच के साथ ही प्रशासनिक जांच पूर्व से चल रही है। ध्वस्तीकरण के नाम पर गहरी खुदाई कर उपखनिज नुमा सामाग्री परिसर से बाहर जाने की चर्चाओं पर पूर्व में एसडीएम लालकुआं रेखा कोहली परिसर का निरीक्षण कर ध्वस्तीकरण से संबंधित अभिलेख तलब कर चुकी हैं। वहीं यूसीएफ महाप्रबंधक त्रिभुवन रावत की संस्तुति पर एमडी स्तर से कराई जा रही विभागीय जांच भी दिए गए समयावधि के बावजूद अभी गतिमान है । ऐसे में अब मामले के खनन विभाग की जांच में आ जाने से जांच का दायरा और बढ़ गया है।अब ध्वस्तीकरण से निकलने वाली सामग्री की निकासी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। परिसर से उप खनिज बाहर जाने की शिकायतों के चलते परिसर से किसी भी प्रकार की सामग्री बाहर ले जाने के संबंध में 18 सितंबर को प्रबंधक की ओर से जिम्मेदार अधिकारियों की संस्तुति और अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे में 18 सितंबर से पूर्व परिसर से निकली सामग्री और उसके रिकॉर्ड का मिलान भी जांच में महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल परिसर में खुदाई कर उपखनिज निकालने अथवा उसे बेचे जाने के आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रबंधन ने गड्ढों को भवनों की फाउंडेशन निकालने से जुड़ा बताया है। ऐसे में अब खनन विभाग यूसीएफ की विभागीय जांच और प्रशासनिक जांच से ही स्पष्ट होगा कि परिसर में हुई खुदाई ध्वस्तीकरण की स्वीकृत प्रक्रिया और निर्धारित नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
