सनातन संस्कृति की अलख जगाता रानीखेत का विराट हिंदू सम्मेलन!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता: गोपाल नाथ गोस्वामी
रानीखेत। देवभूमि की पावन वादियों में शुक्रवार को आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब सकल सनातन हिंदू समिति के तत्वावधान में विराट हिंदू सम्मेलन एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया।
शिव मंदिर से lआरंभ हुई यह विशाल शोभायात्रा एमओ स्टेशन, सदर बाजार और जरूरी बाजार से होते हुए पुनः शिव मंदिर परिसर में पहुंची। पूरे नगर में जयघोष, भगवा ध्वज और धार्मिक उत्साह का दिव्य वातावरण छा गया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। विशेष आकर्षण रहा ऐतिहासिक छोलिया नृत्य, जिसकी वीर रस से ओतप्रोत प्रस्तुति ने वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से सराबोर कर दिया।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
शिव मंदिर सभागार में मुख्य अतिथियों एवं संचालन समिति के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में विभाग प्रचारक कमल जीत, कथा वाचक चंद्र शेखर अधिकारी तथा प्रोफेसर सरिता चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म अनादि काल से मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता आया है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना पर आधारित है और विश्व कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है।
वक्ताओं ने आह्वान किया कि हिंदू समाज को एकजुट होकर सर्वधर्म समभाव की भावना को सुदृढ़ करना होगा, ताकि देश में भाईचारे का वातावरण मजबूत हो और भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो सके।
समाज के हर वर्ग की सहभागिता
कार्यक्रम में धर्मानंद जोशी, दीप पांडे, रवि मोहन अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, रमेश बिष्ट, रोहित शर्मा, धन सिंह रावत, दीपक करकैती, मोहन नेगी, दीप भगत, गुड्डू भगत, चंदन भगत, विमल भट्ट, ललित मेहरा, उमेश पंत, रामेश्वर गोयल (मीडिया प्रभारी), दर्शन बिष्ट, हर्षवर्धन पंत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महिला शक्ति की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखने को मिली, जिनमें देवकी उपाध्याय, विमला रावत, तनुजा शाह, जानकी, माया नैनवाल, आरती भगत, रेखा आर्या, अनु सोनकर, पुष्पा तिवाड़ी, ललिता बिष्ट, सुनीता डाबर, आरती जलाल, निशा, रितिका, इंदु बलोनी, रेखा पांडे, आनंदी बिष्ट, जानकी जोशी, भारती जलाल, गीता बेलवाल, निकेत जोशी सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र और धर्म की उन्नति के संकल्प के साथ सम्मेलन का समापन हुआ। रानीखेत की वादियों में गूंजते जयकारों ने यह संदेश दिया कि सनातन संस्कृति की ज्योति आज भी उतनी ही प्रखर है, जितनी युगों पूर्व थी। 
