एसटीएफ का बड़ा धमाका: देहरादून में फर्जी परीक्षा केंद्र का भंडाफोड़, हाईटेक नकल गिरोह के 2 मास्टरमाइंड गिरफ्तार।
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो
देहरादून। मुख्यमंत्री के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून में संचालित एक फर्जी परीक्षा केंद्र का पर्दाफाश किया है। हाईटेक तकनीक के जरिए अभ्यर्थियों को नकल कराकर पास कराने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसटीएफ ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलने की तैयारी में था।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा आज सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिरीक्षक (साइबर एसटीएफ) डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार के नकल विरोधी कानून के तहत परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एसटीएफ लगातार सक्रिय है और इस कार्रवाई से एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
अंडरग्राउंड चेम्बर से चल रहा था हाईटेक नकल का खेल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) मल्टी टास्किंग भर्ती परीक्षा-2025 के दौरान एसटीएफ को इनपुट मिला था कि कुछ असामाजिक तत्व अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर ठगी और नकल कराने की साजिश रच रहे हैं।
13 फरवरी को उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने देहरादून स्थित एम.के.पी इंटर कॉलेज के महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान परीक्षा लैब के पास यूपीएस रूम में जमीन के अंदर 24×24 इंच का अंडरग्राउंड चेम्बर बनाया गया था, जिसमें दो लैपटॉप और राउटर स्वचालित अवस्था में संचालित मिले। इन उपकरणों के जरिए दूर बैठकर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे।
एसटीएफ ने मौके से सभी तकनीकी और फॉरेंसिक उपकरण कब्जे में लेकर परीक्षा केंद्र को सील कर दिया।
दिल्ली और देहरादून से जुड़े आरोपी गिरफ्तार
एसटीएफ ने इस हाईटेक नकल रैकेट में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान—
नीतिश कुमार पुत्र चंद्रभान गौड़, निवासी भाटपार रानी, देवरिया (उ.प्र.), हाल निवासी नागलोई, दिल्ली
भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चंद्र नैथानी, निवासी नधुवावाला, देहरादून
के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली देहरादून में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम-2023, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।
रिमोट एक्सेस से हल होते थे प्रश्नपत्र, 10 लाख की डील
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये की मांग करते थे। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर सिस्टम को रिमोटली एक्सेस कर उनके प्रश्नपत्र हल किए जाते थे।
मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देश पर एसटीएफ की सख्त कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर उत्तराखंड पुलिस ने संगठित नकल माफिया के खिलाफ व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। एसटीएफ लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही है और इस कार्रवाई को नकल माफिया के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
एसटीएफ ने इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
दर्पण न्यूज 24/7
