मानव–वन्यजीव संघर्ष पर कड़ा एक्शन: स्कूली बच्चों को एस्कॉर्ट सुविधा, मुख्यमंत्री धामी।
डीएफओ पौड़ी को तत्काल हटाने के निर्देश।
दर्पण न्यूज 24/7 से धर्मेंद्र शर्मा की विशेष रिपोर्ट!
देहरादून।
मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में हुई वन विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा एक्शन लेते हुए पौड़ी के डीएफओ को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानव–वन्यजीव संघर्ष की किसी भी घटना की सूचना मिलते ही 30 मिनट के भीतर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच जाए, इसके लिए संबंधित डीएफओ और रेंजर की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रभावितों को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
सीएम धामी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का भय अधिक रहता है, वहां स्कूली बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और घर लाने के लिए वन विभाग व जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग को निर्देशित किया कि मानव–वन्यजीव संघर्ष में किसी परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर उनके परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। इसके लिए दो सप्ताह के भीतर आजीविका सहायता नीति तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने कहा कि संघर्ष प्रभावित जिलों में जिन भी उपकरणों की तत्काल जरूरत है, उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। नई तकनीक का उपयोग बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों से निगरानी, वन्य जीवों की गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखने और ग्रामीणों के साथ सतत संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया।
सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आबादी के पास फैली जंगली झाड़ियों को अभियान चलाकर पूरी तरह साफ किया जाए, ताकि वन्य जीव गांवों की ओर न आएं। साथ ही महिलाओं और बच्चों को विशेष तौर पर सतर्कता और सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जाए।
बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, सी. रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा और अपर सचिव हिमांशु खुराना मौजूद थे।
