जंगल के रक्षक ही बने भक्षक! लकड़ी तस्करी रोकने पर प्लांटेशन वाचर के सिर पर तानी पिस्तौल, SOG प्रभारी पर तस्करों को संरक्षण देने का सनसनीखेज आरोप।
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो |
देहरादून/ऊधमसिंहनगर
उत्तराखंड में जंगलों की सुरक्षा पर तैनात महकमा खुद सवालों के घेरे में आ गया है। तराई केंद्रीय वन प्रभाग से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। आरोप है कि लकड़ी तस्करी रोकने की कोशिश करने पर एक प्लांटेशन वाचर को ही धमकाया गया, उसके साथ मारपीट हुई और SOG प्रभारी ने उसके सिर पर रिवॉल्वर तान दी।
🔥 चौकी से चंद कदम दूर कटते रहे पेड़, विभाग रहा बेखबर!
हल्द्वानी के तराई केंद्रीय वन प्रभाग अंतर्गत लकड़ी और वन्यजीव तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि पीपल पड़ाव रेंज की वन चौकी से महज कुछ कदम की दूरी पर पेड़ों की कटाई होती रही, लेकिन वन विभाग को भनक तक नहीं लगी। इससे कर्मचारियों और तस्करों की मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है।
⚡ प्लांटेशन वाचर का बड़ा आरोप: तस्करों को बचाया, मुझ पर तानी पिस्तौल
मामला बाजपुर क्षेत्र के ग्राम महोली जंगल का बताया जा रहा है। पकड़िया चौकी में तैनात प्लांटेशन वाचर ज्ञान सिंह ने तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के SOG प्रभारी कैलाश चंद्र तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ज्ञान सिंह के अनुसार, ड्यूटी से घर लौटते समय उसने चौकी के पास ही लकड़ी की तस्करी होते देखी। विरोध करने पर तस्करों ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे SOG प्रभारी कैलाश तिवारी ने खैर, सागौन और अन्य कीमती लकड़ियों से भरे डंपर को मौके से निकलवा दिया।
🚨 “चुप रहो नहीं तो जेल भेज दूंगा” – सिर पर रखी रिवॉल्वर!
ज्ञान सिंह का आरोप है कि जब उसने दोबारा विरोध किया तो SOG प्रभारी ने न सिर्फ उसके साथ मारपीट की, बल्कि रिवॉल्वर उसके सिर पर रखकर चुप रहने की धमकी दी और झूठे मुकदमे में जेल भेजने की बात कही।
🛑 SOG प्रभारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं SOG प्रभारी कैलाश चंद्र तिवारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि ज्ञान सिंह नशे की हालत में हंगामा कर रहा था और महिला वनकर्मियों से अभद्रता कर रहा था। इसी कारण वे मौके पर पहुंचे और उसे डांटकर शांत किया गया।
🔍 मुख्य वन संरक्षक का बयान: जांच जारी
मामले पर मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त साकेत बड़ोला ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। SOG प्रभारी पर लगे आरोपों की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
❓ सबसे बड़ा सवाल
जब जंगल बचाने वाला कर्मचारी तस्करी रोकने पर जान के खतरे में पड़ जाए और अधिकारी ही डराने-धमकाने लगें, तो जंगलों की सुरक्षा कौन करेगा? क्या वन विभाग के भीतर ही तस्करी को संरक्षण मिल रहा है?
फिलहाल सच क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इस घटना ने वन विभाग की साख को गहरा झटका जरूर दिया है।
