तराई के जंगलों से सटे गांवों में वन्यजीवों का आतंक — दर्पण न्यूज 24*7 संवाददाता प्रमोद बमेटा की विशेष रिपोर्ट
हल्द्वानी।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज से सटे गांवों में इन दिनों ग्रामीण भय और असुरक्षा के माहौल में
जी रहे हैं। जहां एक ओर हाथियों के झुंड रात के अंधेरे में खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत को रौंद रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लैपर्ड की लगातार बढ़ती आवाजाही ने लोगों की नींद उड़ा दी है। दशहरी,ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के कारण उनकी फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं, जिससे रोज़ी-रोटी का संकट गहराने लगा है। वहीं, तेंदुए की मौजूदगी से बच्चे और महिलाएं शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं। खेती-बाड़ी से जुड़े लोगों के सामने अब जान और जीविका दोनों का संकट मंडरा रहा है।स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी केवल बैठकों और कागजी गश्त तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बार-बार की शिकायतों के बावजूद विभाग के अधिकारी मौन हैं।
एक किसान ने दर्पण न्यूज 24*7 से कहा — “हमारी मेहनत की पूरी फसल हाथी रौंद देते हैं। फसल बचाने के लिए खेतों में रातभर पहरा देना पड़ता है, लेकिन अब तेंदुए के डर से बाहर निकलना भी जान जोखिम में डालना है।”
वन विभाग की यह हीलाहवाली अब किसानों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा इंतज़ाम और फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
📸 फोटो: हाथियों द्वारा रौंदी गई गन्ने की फसल को निहारते किसान।
🗞️ रिपोर्ट: दर्पण न्यूज 247 संवाददाता प्रमोद बमेटा*
