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देहरादून:- केदारनाथ से तीर्थयात्रियों को ला रहा हेलीकाप्टर क्रैश, पायलट समेत सात की मौत में आर्यन कंपनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने की बात जोड़ी गई है, इनसेट..इनकी गई जान में पायलट का नाम और पद नाम बदला गया है। दूसरे इनसेट…केदारनाथ में पहली बार सेवा दे रहा था पायलट में संशोधन है)
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– मौसम प्रतिकूल होने से गलत दिशा की ओर से मुड़ा, पेड़ से टकराकर लगी आग
– गौरीकुंड के पास हादसा, मृतकों में दंपती और उनकी तीन वर्ष की बच्ची भी शामिल
– सवा महीने के अंतराल में यह पांचवीं और केदारघाटी में तीसरी हेली दुर्घटना

केदारनाथ त्रासदी की 12वीं बरसी पर रविवार सुबह केदारघाटी में हृदयविदारक घटना सामने आई। धाम से तीर्थयात्रियों को लेकर गुप्तकाशी के लिए आ रहा आर्यन एविएशन का हेलीकाप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसमें सवार छह तीर्थयात्रियों और पायलट की मौत हो गई। मृतकों में महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी दंपती और उनकी तीन वर्ष की बेटी भी शामिल हैं। हादसे का कारण मौसम का अनुकूल न होना बताया जा रहा है।

उत्तराखंड में सवा महीने के अंतराल में यह पांचवीं, जबकि केदारघाटी में तीसरी हेली दुर्घटना है। यहां आर्यन कंपनी का हेलीकाप्टर तीन वर्ष पहले भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। तब भी उसमें सवार सात लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद आर्यन कंपनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसकी हेली सेवाओं पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है। साथ ही, चारों धामों में हेली संचालन सोमवार तक स्थगित कर दिया है। विपरीत मौसम में उड़ान भरने पर ट्रांस भारत कंपनी के दो पायलटों के लाइसेंस भी छह-छह महीने के लिए निलंबित किए गए हैं। इस हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) को सौंपी गई है।

आर्यन एविएशन के हेलीकाप्टर ने रविवार सुबह 5:10 बजे गुप्तकाशी से उड़ान भरी और 5:18 बजे केदारनाथ हेलीपैड पर उतरा। यहां से 5:19 बजे गुप्तकाशी के लिए फिर रवाना हुआ। सुबह 6:15 बजे तक भी जब यह हेलीकाप्टर नहीं पहुंचा तो खोजबीन शुरू हुई। इस बीच एक महिला की ओर से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हादसे के वीडियो से प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि केदारनाथ से जिस समय हेलीकाप्टर ने उड़ान भरी उस समय घना कोहरा छाया हुआ था।

इस हेलीकाप्टर के गौरीकुंड के ऊपर उड़ान भरते समय अचानक कोहरा आ गया और ²श्यता शून्य हो गई। पायलट ने हेलीकाप्टर को गौरीकुंड से त्रियुगीनारायण की ओर मोड़ा, लेकिन लगभग पांच किमी ऊपर गौरीखर्क पहाड़ी पर नीचे गिरते समय यह पेड़ से जा टकरा गया। इसके बाद इसमें आग लग गई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन ङ्क्षसह रजवार ने बताया कि दुर्घटना के समय हेलीकाप्टर जमीन से लगभग तीस फीट ऊंचाई पर था। कम ऊंचाई पर होने के कारण वह पेड़ से टकरा गया। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकाप्टर बेल 407 हेलिकाप्टर (वीटी-बीकेए) 2008 माडल का था।

केदारनाथ में पहली बार सेवा दे रहा था पायलट
पायलट लेफ्टिनेट कर्नल राजवीर ङ्क्षसह चौहान इस यात्रा सीजन में पहली बार केदारनाथ में हेली सेवा में सेवाएं दे रहे थे। वह 15 वर्ष 10 महीने सेना में सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। अक्टूबर 2024 में उन्होंने आर्यन कंपनी ज्वाइन की थी। उनकी पत्नी भी एयरफोर्स में अधिकारी हैं।

इनकी गई जान
-लेफ्टिनेट कर्नल राजवीर ङ्क्षसह चौहान (पायलट) (42) राणा कालोनी, पुलिस स्टेशन के पास, शास्त्रीनगर जयपुर, राजस्थान
-विक्रम ङ्क्षसह (46), रांसी, तहसील ऊखीमठ, जनपद रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
-विनोद देवी (66) मकान 429, सिविल लाइन, बैंक कालोनी, बिजनौर, उत्तर प्रदेश
-तृष्टि ङ्क्षसह (19) मकान 429, सिविल लाइन, बैंक कालोनी, बिजनौर, उत्तर प्रदेश
-राजकुमार सुरेश (41) वाणी नंदीपरा रोड, सांई मंदिर, महाराष्ट्र
-श्रद्धा राजुमार (35) वाणी नंदीपरा रोड, सांई मंदिर, महाराष्ट्र
-काशी (03) वाणी नंदीपरा रोड, सांई मंदिर, महाराष्ट्र
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बाक्स- केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से एक की मौत, तीन घायल
केदारघाटी में रविवार को हुई तेज वर्षा के बीच केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी के पास गदेरे में मलबा व पत्थर आने से देहलेख, नेपाल निवासी महेंद्र पुत्र नवीन की मौत हो गई। महेंद्र गौरीकुंड में खच्चर चलाते थे। जबकि संभल, उत्तर प्रदेश निवासी शगुन शर्मा, जयपुर निवासी मंजू शर्मा और मध्य प्रदेश निवासी पंचना सोलंकी घायल हो गई। घटना के बाद पैदल मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई, लेकिन देर शाम साढ़े पांच बजे स्थिति सामान्य होने पर यात्रा को सुचारू कर दिया गया।

17 वर्षों में 21 हेली दुर्घटनाएं, 50 की मौत
उत्तराखंड मे चारों धाम से लगे क्षेत्र में बीते 17 वर्षों के दौरान 21 हेली दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 50 लोगों की जान जा चुकी है। सिर्फ केदारघाटी में ही पिछले 14 वर्षों के दौरान 13 हेली दुर्घटनाओं में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले कुछ समय से केदारनाथ में हेली की लैंङ्क्षडग व टेकआफ के दौरान दुर्घटना का खतरा ज्यादा बन रहा है।

रुद्रप्रयाग में हेली दुर्घटना की होगी उच्चस्तरीय जांच: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर ङ्क्षसह धामी ने रुद्रप्रयाग में हुई हेलीकाप्टर दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम में हेली सेवाओं के संचालन में शामिल सभी हेली आपरेटर एवं पायलटों की उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान के अनुभवों की जांच की जाए। हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एसओपी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें हेलीकाप्टर की पूर्ण तकनीकी जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाए। केदारनाथ में हेलीकाप्टर हादसे के बाद उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर ङ्क्षसह धामी ने राज्य में हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय व सुरक्षित संचालन के लिए देहरादून में कमांड एवं कोआर्डिनेशन सेंटर की स्थापना के भी निर्देश दिए। इस सेटर में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, डीजीसीए, आपदा प्रबंधन विभाग, यूकाडा और हेलीकाप्टर कंपनी के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।

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