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महिला की मौत के बाद जागा प्रशासन, बनभूलपुरा में तीन क्लीनिक सील!

बिना जरूरी दस्तावेज और पंजीकरण के संचालित क्लीनिकों पर चला प्रशासन का डंडा, संयुक्त टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप!

हल्द्वानी। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे कथित अनधिकृत क्लीनिकों को लेकर आखिरकार प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। पिछले दिनों पहलवान से मालिश कराने के बाद महिला की मौत की घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और बिना जरूरी मानकों के संचालित गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद अब प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन क्लीनिकों को सील कर दिया।

मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम मोनिका आर्या, थाना बनभूलपुरा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र में पहुंची। टीम ने क्लीनिकों में पहुंचकर संचालकों से पंजीकरण, लाइसेंस और संचालन से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे। प्रशासन के अनुसार, तीनों क्लीनिक संचालक मौके पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने तीनों क्लीनिकों को सील कर दिया।

अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रशासन की टीम ने साफ कर दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के मुताबिक प्रशासन को क्षेत्र में बिना आवश्यक दस्तावेजों के क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायतें मिली थीं। शिकायतों के आधार पर जांच की गई और दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर कार्रवाई अमल में लाई गई।

महिला की मौत ने खड़े किए थे सवाल!

हल्द्वानी में पिछले दिनों हुई महिला की मौत की घटना ने स्वास्थ्य के नाम पर चल रही गतिविधियों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए थे। मालिश के दौरान कथित उपचार के बाद महिला की मौत के मामले ने यह सवाल भी सामने रखा कि आखिर शहर में स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं कौन लोग और किन मानकों के तहत संचालित कर रहे हैं।

हालांकि, प्रशासन की ओर से आज सील किए गए तीनों क्लीनिकों को उक्त महिला की मौत की घटना से सीधे जोड़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मौजूदा कार्रवाई का आधार क्लीनिकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज और पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर पाना बताया गया है।

अब सवाल कार्रवाई की निरंतरता का!

तीन क्लीनिकों पर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित मानकों का पालन किए बिना स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। क्लीनिक संचालकों के लिए स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित मानकों के अनुसार पंजीकरण और आवश्यक लाइसेंस रखना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई को देर आए, दुरुस्त आए की तर्ज पर देखा जा रहा है। लेकिन अब असली परीक्षा यह होगी कि अभियान केवल शिकायत मिलने वाले कुछ क्लीनिकों तक सीमित रहता है या हल्द्वानी शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच की जाती है।

क्योंकि सवाल सिर्फ तीन क्लीनिकों की सीलिंग का नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़े पूरे सिस्टम की निगरानी का है।

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