हल्द्वानी में उत्तरायणी महोत्सव की धूम, लोक संस्कृति के रंग में रंगेगा शहर।
आज से 15 जनवरी तक पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में सजेगा ऐतिहासिक ‘घुघुतिया त्यार’ मेला।
दर्पण न्यूज 24/7
हल्द्वानी। कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराएं और विरासत को सहेजने वाला ऐतिहासिक उत्तरायणी महोत्सव (घुघुतिया त्यार) इस वर्ष भी हल्द्वानी में विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर के तत्वावधान में 7 से 15 जनवरी तक नौ दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंडी लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
श्री गोल्ज्यू पूजन के साथ होगा भव्य आगाज
मंगलवार को प्रेस वार्ता में संरक्षक हुकुम सिंह कुंवर और अध्यक्ष खड़क सिंह बगड्वाल ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ 7 जनवरी को श्री गोल्ज्यू देवता के पूजन के साथ किया जाएगा। प्रतिदिन आकर्षक लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
लोकगायक बांधेंगे समां, सांस्कृतिक संध्या रहेगी खास
सांस्कृतिक संध्याओं में प्रसिद्ध लोक कलाकार अमित गोस्वामी, हरेंद्र कठायत, चंद्रप्रकाश, महिपाल मेहता, बबीता देवी और रौशन बनौला अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को पहाड़ी रंग में रंग देंगे।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा मंच
मेला परिसर में पहाड़ी उत्पाद, दालें, हस्तशिल्प और पारंपरिक खाद्य सामग्री के स्टॉल लगेंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
बच्चों व युवाओं के लिए विशेष प्रतियोगिताएं
महोत्सव में बच्चों से लेकर युवाओं तक के लिए लोकगीत, लोकनृत्य, भाषण, चित्रकला और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। वहीं 15 जनवरी को वॉलीबॉल फाइनल, पुरस्कार वितरण तथा भव्य शोभा यात्रा के साथ महोत्सव का समापन होगा।
वार्ता के दौरान उपाध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट, सचिव देवेंद्र तोलिया, कोषाध्यक्ष त्रिलोक बनौली, शोभा बिष्ट, भुवन चंद्र जोशी, धरम सिंह बिष्ट, लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, मोहन सिंह बोरा, मेला संयोजक हेम चंद भट्ट, तरुण नेगी, ललित बिष्ट, राशमी पलड़िया आदि मौजूद रहे।
