साढ़े 25 लाख का चेक बाउंस केस ढहा!
बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप लोहनी की मजबूत दलीलों के चलते हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस को झटका, हल्द्वानी कोर्ट से आरोपी कफील अहमद बरी।
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता | हल्द्वानी
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी मीनाक्षी शर्मा की अदालत ने 25 लाख 27 हजार 541 रुपये के चर्चित चेक बाउंस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी कफील अहमद को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि परिवादी कंपनी आरोप सिद्ध करने में नाकाम रही, जिसके चलते अभियुक्त को भुगतान के दायित्व से पूरी तरह राहत दे दी गई।
मामला मैसर्स हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड द्वारा दायर किया गया था। परिवाद के अनुसार अभियुक्त ने ट्रक (यूपी-25-सीटी-3924) खरीदने के लिए 28 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसकी अदायगी 53 मासिक किस्तों में होनी थी। आरोप लगाया गया कि किश्तें समय पर जमा नहीं हुईं और बाद में वाहन सरेंडर कर दिया गया। कंपनी का दावा था कि वाहन विक्रय के बाद शेष बकाया के भुगतान हेतु दिया गया 25.27 लाख रुपये का चेक बैंक में फंड्स इंसफिशिएंट होने के कारण बाउंस हो गया।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रदीप लोहनी ने अदालत में मजबूत दलीलें पेश करते हुए कहा कि ऋण के समय अभियुक्त से छह ब्लैंक चेक लिए गए थे। वाहन का उपयोग अभियुक्त के साले बबलू उर्फ अनीश द्वारा किया जा रहा था और कंपनी ने बिना अनुमति वाहन बेच दिया। साथ ही परिवादी कंपनी ऋण अनुबंध, बकाया विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेजों को विधिवत साबित नहीं कर सकी।
दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद अदालत ने माना कि परिवादी के आरोप ठोस साक्ष्यों के अभाव में टिक नहीं पाए। परिणामस्वरूप, अदालत ने अभियुक्त को दोषमुक्त करते हुए 25.27 लाख रुपये के भुगतान से राहत दे दी।
इस फैसले को चेक बाउंस मामलों में एक अहम नज़ीर के रूप में देखा जा रहा है, जिसने फाइनेंस कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
— दर्पण न्यूज 24/7
