








35 की उम्र में थम गई दिनेश लोहनी की सांसें, लालकुआं में पसरा मातम!
युवा व्यापारी नेता एवं समाजसेवी के आकस्मिक निधन से परिवार में कोहराम, राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक जगत में शोक की लहर!
लालकुआं। हंसता-मुस्कुराता चेहरा, मिलनसार स्वभाव और समाज के लिए हमेशा आगे खड़े रहने वाले युवा व्यापारी नेता एवं समाजसेवी दिनेश लोहनी अब इस दुनिया में नहीं रहे। महज 35 वर्ष की उम्र में उनका आकस्मिक निधन पूरे लालकुआं क्षेत्र को स्तब्ध कर गया। गत रात्रि अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां आज तड़के हृदय गति रुकने से उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
वार्ड नंबर चार आजाद नगर निवासी दिनेश लोहनी प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पूर्व महामंत्री भी रहे थे। व्यापारिक गतिविधियों के साथ ही वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे और अपने सरल एवं मिलनसार व्यवहार के कारण हर वर्ग में उनकी अच्छी पहचान थी। इतनी कम उम्र में उनका यूं अचानक दुनिया से चले जाना किसी को स्वीकार नहीं हो रहा है।
दिनेश लोहनी के परिवार पर पिछले एक वर्ष में यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। पिछले वर्ष ही उनके पिता एवं वरिष्ठ समाजसेवी आनंद बल्लभ लोहानी का निधन हुआ था। वहीं दिनेश लोहनी दिवंगत वरिष्ठ युवा कांग्रेसी नेता कीर्ति लोहनी के सबसे छोटे भाई थे। एक के बाद एक परिवार पर पड़े इन दुखों ने परिजनों को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। दिनेश अविवाहित थे और उनके असमय निधन से परिवार का दुख और भी गहरा हो गया है।
हर आंख हुई नम, हर जुबां पर दिनेश की याद
दिनेश लोहनी के निधन की खबर मिलते ही लालकुआं के राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र बोरा, पूर्व विधायक नवीन दुमका, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट,समाजसेवी हेमवती नंदन दुर्गापाल,चेयरमैन सुरेंद्र सिंह लोटनी, समाजसेवी प्रमोद कालोनी, शुभम अंडोला, भुवन पांडे, व्यापारी नेता दीवान सिंह बिष्ट, पूर्व चेयरमैन पवन कुमार चौहान, लाल चंद्र सिंह, कैलाश पंत, कमलेश चंदोला तथा कांग्रेस नेता शंकर जोशी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और व्यापारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि दिनेश लोहनी का असमय चले जाना केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है। वह युवा होने के बावजूद सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके थे। उनके व्यवहार की सहजता और लोगों से आत्मीय संबंध हमेशा उन्हें दूसरों से अलग बनाते रहे।
आज निकलेगी अंतिम यात्रा
दिनेश लोहनी की अंतिम यात्रा आज प्रातः 10 बजे उनके निवास से निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों, व्यापारियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है।
लालकुआं ने एक होनहार, मिलनसार और सामाजिक सरोकारों से जुड़े युवा को खो दिया है। जिस उम्र में जिंदगी अपने सपनों और नई मंजिलों की ओर बढ़ती है, उसी उम्र में दिनेश लोहनी का यूं अचानक चले जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर गया। पीछे रह गई हैं उनकी यादें, परिवार का अथाह दुख और क्षेत्रवासियों की नम आंखें।
