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धामी बोले—सनातन संस्कृति को बदनाम करने वालों को नहीं मिलेगी रियायत, उत्तराखंड बनेगा विश्व की आध्यात्मिक राजधानी
विशेष रिपोर्ट | दर्पण न्यूज़ 24×7

रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रुड़की में आयोजित जीवनदीप आश्रम के पांच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक गौरव और सामाजिक संरचना की रक्षा को लेकर सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा—“सनातन संस्कृति को बदनाम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज विश्वभर में भारत की सनातन विरासत का गौरव बढ़ा है—राम मंदिर निर्माण, बदरीनाथ-केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कार्यों ने भारत की आध्यात्मिक पहचान को पुनर्स्थापित किया है।

इसी कड़ी में उत्तराखंड में यमुनातीर्थ पुनरुद्धार, हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर निर्माण, और दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।


जिहादी मानसिकता पर कड़ी कार्रवाई—धामी

सीएम ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगारोधी कानून और ‘ऑपरेशन कालनेमि’ प्रभावी रूप से चल रहे हैं।

  • लैंड जिहाद पर 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त की जा चुकी है।
  • अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया है।
  • नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का फैसला लिया गया है, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे।
  • प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जा चुकी है।

सीएम धामी ने मंच से घोषणा की कि रुड़की के ईदगाह चौक का नाम ‘शहीद चौक’ रखा जाएगा।


मुख्यमंत्री ने पत्नी संग दिया यज्ञ में आहूति, किए कई लोकार्पण

कार्यक्रम से पूर्व सीएम धामी व उनकी पत्नी गीता धामी ने यज्ञ में आहूति दी और बजरंगबली का पूजन किया।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्रपुरी, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि सहित अनेक संतों ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा की।


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