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म्यांमार में बंधक बनाए गए उत्तराखंड के 9 युवक: साइबर ठगी करवाने वाला इंटरनेशनल गैंग बेनकाब।
दर्पण न्यूज 24*7
रुद्रपुर।
विदेश में सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर उत्तराखंड के नौ युवकों को म्यांमार ले जाकर बंधक बनाने और उनसे जबरन साइबर ठगी कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। म्यांमार से लौटे इन युवाओं ने साइबर पुलिस के सामने अपनी रौंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती सुनाई।
युवाओं का कहना है कि उन्हें ऊँचे वेतन वाली नौकरी का लालच देकर अवैध तरीके से म्यांमार भेजा गया, जहाँ कुख्यात ‘KK पार्क’ नामक परिसर में बंद कमरों में कैद कर उनसे साइबर फ्रॉड कराया जाता था। इस परिसर में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित कई देशों के सैकड़ों युवक-युवतियों को बंधक बनाकर रखा जाता था।
नौकरी का झांसा… 70,000 से 2 लाख तक वसूले
साइबर क्राइम थाना पंतनगर प्रभारी अरुण कुमार के अनुसार एजेंटों ने युवाओं से भारी रकम लेकर उन्हें फर्जी वीजा पर विदेश भेजा। वहाँ पहुँचते ही उनके पासपोर्ट छीन लिए गए और धमकियों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर का ऑनलाइन फ्रॉड कराने के लिए मजबूर किया गया।
छह एजेंटों पर FIR, एक गिरफ्तार
भारत सरकार और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सभी नौ युवकों को सुरक्षित वापस लाया गया है। पूछताछ के बाद छह नामजद एजेंटों—जसपुर के सुनील कुमार, अशोक, पिंकी, काशीपुर के नीरव चौधरी, प्रदीप और मुंबई के धनंजय—के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से नीरव चौधरी को पहले ही सूरत साइबर क्राइम पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
युवाओं को चेतावनी: फर्जी नौकरी ऑफरों से बचें
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तराखंड के कई और युवाओं को म्यांमार भेजने की फिराक में था। पुलिस ने प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के लिए किसी एजेंट पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जानकारी और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य करें।
यह पूरा मामला उन युवाओं के लिए बड़ा सबक है जो बेहतर करियर की तलाश में ठगों के झांसे में आ जाते हैं। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह की कड़ी दर कड़ी जांच शुरू कर दी है।

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