टांडा रेंज में ताबड़तोड़ छापेमारी: आधा दर्जन से अधिक वन तस्कर गिरफ्तार, 6 वाहन सीज; खैर-सागौन की लाखों की लकड़ी बरामद।
दर्पण न्यूज 24*7 से संवाददाता प्रमोद बमेटा की रिपोर्ट
लालकुआँ/रुद्रपुर।
वन विभाग की टांडा रेंज टीम ने मिशन “अंकुश” के तहत अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार देर रात की इस संयुक्त छापेमारी में विभाग ने खैर और सागौन की लाखों की कीमत वाली कीमती लकड़ी बरामद की है। वहीं, कार्रवाई के दौरान 6 वाहनों को सीज किया गया और आधा दर्जन से अधिक वन तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
कैसे हुई कार्रवाई?
रेंज अधिकारी को बीते कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि कुछ तस्कर जंगल से अवैध तरीके से लकड़ी काटकर बाहरी क्षेत्रों में सप्लाई कर रहे हैं। इस पर एक विशेष निगरानी टीम गठित की गई और जंगल के भीतर तथा आसपास के संवेदनशील मार्गों पर चेकिंग बढ़ा दी गई।
इसी दौरान शनिवार देर रात मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि कुछ तस्कर भारी मात्रा में लकड़ी लेकर जंगल से बाहर निकलने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही टांडा रेंज की टीम ने घेराबंदी कर दी और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देते हुए एक के बाद एक कई वाहन पकड़ लिए।
क्या-क्या बरामद हुआ?
कार्रवाई के दौरान विभाग ने—
खैर और सागौन की लाखों रुपये की अवैध लकड़ी
लकड़ी से भरे 6 वाहन
तस्करी में उपयोग किए जा रहे औजार
को कब्जे में लिया।
तस्करों से पूछताछ जारी
गिरफ्तार किए गए तस्करों को वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, टीम ने कई ऐसे नाम भी चिन्हित किए हैं जो इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और फिलहाल फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
वन विभाग की सख्त चेतावनी
रेंज अधिकारी ने कहा कि मिशन “अंकुश” के तहत अवैध कटान, लकड़ी तस्करी और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चल रहा है। किसी भी कीमत पर जंगलों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी रहेगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा है कि वन विभाग की सक्रियता से तस्करी गिरोहों पर बड़ा अंकुश लगा है।
