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“अंकिता को न्याय दिलाने के लिए उठी एकजुट आवाज़: 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद, पिता ने बताया—यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, पूरे प्रदेश की है”
दर्पण न्यूज 24/7
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में एक बार फिर जनाक्रोश का ज्वालामुखी फूट पड़ा है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर मंच पर न्याय की पुकार बुलंद हो रही है। इसी बीच अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने 11 जनवरी को प्रदेशव्यापी ‘उत्तराखंड बंद’ का आह्वान करते हुए जनता से इस मुहिम में साथ आने की भावुक अपील की है।
वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि अंकिता सिर्फ उनकी बेटी नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी थी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह लड़ाई राजनीति की नहीं, बल्कि सच्चाई और इंसाफ की है। उन्होंने व्यापारी वर्ग, सामाजिक संगठनों और हर जिम्मेदार नागरिक से बंद को सफल बनाकर न्याय की इस लड़ाई को मजबूती देने की अपील की।
उर्मिला सनावर द्वारा जारी वीडियो और कथित ऑडियो पर पूछे गए सवाल पर अंकिता के पिता ने कहा कि अभी तक उनकी उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन सामने आए तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि सच देश के सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
हाल ही में सामने आए वीडियो के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन जारी हैं और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार किसी भी तरह की जांच से पीछे नहीं हटेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उन्होंने जल्द ही अंकिता के परिजनों से मुलाकात का आश्वासन भी दिया है।
अब 11 जनवरी को प्रस्तावित ‘उत्तराखंड बंद’ को लेकर प्रदेशभर में हलचल तेज हो गई है। पूरे राज्य में एक बार फिर अंकिता के लिए न्याय की गूंज बुलंद हो रही है और जनता उम्मीद लगाए बैठी है कि इस बार न्याय की आवाज़ जरूर सुनी जाएगी।

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