“खेत बचेंगे तो पृथ्वी बचेगी” : रुद्रपुर से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज का बड़ा संदेश, उत्तराखंड को मिली 100 करोड़ के क्लीन प्लांट सेंटर समेत कई बड़ी सौगातें
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो!
रुद्रपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि “जब खेत बचेंगे, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन बचेगा।” उन्होंने कहा कि मिट्टी केवल खेती का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
रुद्रपुर में आयोजित “खेत बचाओ अभियान” का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर 46.32 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नौ विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 323.34 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड के किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए बताया कि मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे सेब, अखरोट, बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही चौबटिया (अल्मोड़ा) में 15 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड के सहयोग से विशेष कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) हेतु 65 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं प्रदेश में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए 104 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को समय पर मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी और फसल बीमा योजना का लाभ भी प्रभावी ढंग से मिलेगा।
उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा मिट्टी की जांच के बाद ही आवश्यकतानुसार उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की। साथ ही जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि भारत सरकार किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए हरसंभव सहायता दे रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव है।” उन्होंने कहा कि वर्षों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की सेहत प्रभावित हुई है, इसलिए अब समय आ गया है कि प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण को जनआंदोलन बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कृषि ऋण, नहरों से निःशुल्क सिंचाई, तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, डिजिटल कृषि मिशन और सिंचाई योजनाओं को किसानों के लिए परिवर्तनकारी बताया।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने घेरबाड़ के लिए 65 करोड़ रुपये, जैविक खेती के लिए 10 करोड़ रुपये तथा मडुवा और झिंगोरा को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में लाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, महापौर विकास शर्मा, दीपक बाली, विपणन बोर्ड अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
