ग्रामीणों की लड़ाई पर हाईकोर्ट सख्त: बिल्डर को फायदा पहुंचाने के आरोप पर जिला खनन अधिकारी कोर्ट में पेश, रिपोर्ट तलब—अगली सुनवाई छुट्टियों के बाद।
दर्पण न्यूज 24/7
नैनीताल। रामगढ़ ब्लॉक के सतोली गांव में ग्राम सभा की बोरिंग से हासिल पानी को कथित तौर पर बिल्डर तक पहुंचाने के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश पर जिला खनन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और उन्होंने अपने स्तर पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की। कोर्ट ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए अगली सुनवाई की तिथि जाड़े की छुट्टियों के बाद तय कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि भवाली निवासी विपिन पंत ने सतोली क्षेत्र में अपने आवासीय प्रयोजन के नाम पर अनुमति ली, लेकिन पानी वास्तव में इलाके के एक बिल्डर के कॉटेज तक पहुंचाया जा रहा है। जबकि क्षेत्र में पहले से ही स्वजल योजना की पाइपलाइन उपलब्ध है। ग्रामीणों के अनुसार विपिन पंत को वर्ष 2011 में बोरिंग की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस समय कार्य नहीं हुआ। अब पुरानी अनुमति के आधार पर दोबारा एनओसी मांगी गई, जिस पर तहसील प्रशासन ने नई अनुमति की आवश्यकता नहीं समझते हुए पुरानी अनुमति के आधार पर ही बोरिंग की अनुमति जारी कर दी।
मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है कि क्या सार्वजनिक संसाधन निजी हित में इस्तेमाल हो रहे हैं? ग्रामीणों की इसी चिंता ने अब अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
