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जागेश्वर धाम में बंदरों का आतंक, तीन श्रद्धालु घायल
वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल, व्यापारियों व पर्यटकों में दहशत!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता अल्मोड़ा।
प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल जागेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को मंदिर परिसर के समीप बंदरों के एक झुंड ने अचानक तीन श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय व्यापारियों व पर्यटकों में भय का माहौल बन गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जागेश्वर क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खुले में चलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी विनोद भट्ट ने बताया कि बंदरों की टोली आए दिन महिलाओं, व्यापारियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बना रही है।
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट ने बताया कि बंदर न सिर्फ लोगों को काट रहे हैं, बल्कि दुकानों से सामान उठाकर ले जा रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापार को भारी नुकसान हो रहा है और पर्यटन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हालांकि, इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी अल्मोड़ा आशुतोष जोशी ने बताया कि विभाग द्वारा बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां से शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीमें भेजी जा रही हैं और जल्द ही जागेश्वर धाम में बंदरों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन ने जागेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही सलाह दी गई है कि बंदरों के सामने खाने-पीने की वस्तुएं प्रदर्शित न करें, ताकि हमलों के खतरे को कम किया जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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