दर्पण न्यूज 24/7 एक्सक्लूसिव
7 साल बाद कॉर्बेट में लौटा दुर्लभ प्रवासी मेहमान ‘कॉमन शेलडक’
तुमरिया जलाशय में जलपक्षी निगरानी कार्यक्रम के दौरान हुआ ऐतिहासिक अवलोकन!
रामनगर। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध कॉर्बेट लैंडस्केप में करीब सात वर्षों बाद एक बार फिर दुर्लभ प्रवासी पक्षी कॉमन शेलडक का दीदार हुआ है। यह महत्वपूर्ण अवलोकन जनवरी 2026 में तुमरिया जलाशय में किया गया, जो तराई क्षेत्र का प्रमुख जल स्रोत होने के साथ-साथ हर साल सैकड़ों प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल बनता है।
यह दुर्लभ पक्षी मैगपाई कॉर्बेट द्वारा आयोजित जलपक्षी निगरानी कार्यक्रम के दौरान देखा गया। कॉमन शेलडक को रुडी शेलडक (ब्राह्मणी बतख) के बड़े झुंड के साथ जलाशय के किनारे भोजन करते और विश्राम करते हुए पाया गया। इसकी पहचान सफेद रंग की बॉडी, गहरे हरे रंग के सिर और लाल चोंच के आधार पर की गई। टीम ने इसकी तस्वीरें भी कैद कीं, जिससे इसकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, कॉमन शेलडक यूरोप और मध्य एशिया से सर्दियों में भारत आने वाला प्रवासी पक्षी है। कॉर्बेट क्षेत्र में इसके पुराने रिकॉर्ड तो मौजूद हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से यह पक्षी यहां नजर नहीं आया था। ऐसे में इसका दोबारा दिखना जैव-विविधता संरक्षण के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
निगरानी के दौरान दिखे अन्य दुर्लभ नज़ारे
कार्यक्रम के दौरान टीम को कुछ और बेहद खास और दुर्लभ दृश्य भी देखने को मिले। इनमें शॉर्ट-इयर्ड आउल (छोटी कान वाला उल्लू) का अवलोकन और इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक को इस मौसम में प्रजनन करते हुए अपने बच्चों के साथ देखना शामिल है, जो सामान्यतः इस समय बहुत कम दर्ज होता है।
संरक्षण की अहमियत पर जोर
टीम में दीपांकर खुल्बे, राहुल रौतेला, शिखा पांडेय, अनंत एरिक्सन, समीक्षा मनराल, दीपक पांडे, जेसन कुटिन्हों, सागर बाल्मीकि, शुभम फुलारा और जागृता भट्ट शामिल रहे। टीम का कहना है कि यह अवलोकन तुमरिया जलाशय की पारिस्थितिक महत्ता को दर्शाता है और यह बताता है कि यहां प्रवासी पक्षियों के संरक्षण व नियमित निगरानी को निरंतर जारी रखना कितना जरूरी है।
