खबरें शेयर करें -

दर्पण न्यूज 24/7 एक्सक्लूसिव
कांवड़ में बंधी करुणा: हरिद्वार से संभल तक ‘तमन्ना’ की आस्था, धर्म से ऊपर इंसानियत का संदेश!
संभल।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द्र और मानवीय एकता की एक दुर्लभ तस्वीर सामने आई है। हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर संभल की ओर बढ़ रही मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक की पदयात्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। बुर्क़ा पहने कंधे पर कांवड़—यह दृश्य आस्था की सीमाओं को लांघती इंसानियत का प्रतीक बन गया है।
कंधों पर कांवड़, लबों पर दुआ,
दिल में बसाया हर मज़हब का नूर-ए-खुदा।
जहाँ “हर-हर महादेव” की गूंज में
रब की रज़ा भी मुस्कुराकर हुई हमनवा।
असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बसेई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक महाशिवरात्रि पर क्षेमनाथ तीर्थ में जलाभिषेक करेंगी। वायरल हो रहे वीडियो में वह कांवड़ कंधे पर लिए चलती नजर आ रही हैं, जबकि साथ चल रहे कांवड़िये “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ कदम से कदम मिलाते दिखते हैं।
तमन्ना बताती हैं कि तीन वर्ष पूर्व अमन त्यागी से विवाह के बाद दोनों अपने-अपने धर्म का सम्मान करते हैं। दूसरों को कांवड़ लाते देखकर उनके मन में भी सेवा और साधना का भाव जगा। उसी भाव ने उन्हें हरिद्वार से संभल की इस आध्यात्मिक यात्रा पर निकलने की प्रेरणा दी। पति अमन का कहना है कि उनके घर में आस्था पर कोई रोक-टोक नहीं—जहाँ विश्वास को आज़ादी मिलती है, वहाँ प्रेम अपने आप रास्ता बना लेता है।
धर्म की लकीरों से ऊपर उठकर जब इंसानियत बोलती है,
तो समाज के जख्मों पर मरहम-सी शांति घोलती है।
तमन्ना की यह कांवड़ यात्रा—
देश को सौहार्द्र की राह दिखाने वाला एक जीवंत संदेश है।

उत्तराखंड