आस्था का महापर्व: कुंभ 2027 की दिव्य तैयारी शुरू, हरिद्वार में 234 करोड़ की विकास योजनाओं का शिलान्यास!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो | हरिद्वार
सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय परंपरा के विश्वविख्यात महापर्व कुंभ मेला 2027 की भव्य तैयारियां अब धरातल पर उतरती दिखाई देने लगी हैं। देवभूमि उत्तराखंड के पावन तीर्थ हरिद्वार में आयोजित होने वाले इस दिव्य आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को व्यापक समीक्षा करते हुए 234.55 करोड़ रुपये की 34 महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
कुंभ मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) पहुंचकर मुख्यमंत्री ने संत समाज, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल आयोजन नहीं, बल्कि सनातन आस्था, आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय संस्कृति का वैश्विक उत्सव है, जहां करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान के माध्यम से आत्मिक शुद्धि और मोक्ष की कामना लेकर पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं का उद्देश्य कुंभ मेले का सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य आयोजन सुनिश्चित करना है, साथ ही हरिद्वार शहर के स्थायी विकास को नई दिशा देना भी है। इन योजनाओं के अंतर्गत यातायात व्यवस्था, घाटों का सुदृढ़ीकरण, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े स्थायी कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आगामी यात्राओं और महाआयोजनों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही तैयारी का रोडमैप तैयार कर लिया है। चारधाम यात्रा के अनुभवों को आधार बनाकर कुंभ 2027 को और अधिक व्यवस्थित एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आगामी कुंभ मेले के द्वार ऐसे समय खुलेंगे जब देशभर में अवकाश का दौर रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने हेतु व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है।
गौरतलब है कि कुंभ मेला भारतीय सनातन परंपरा का वह अद्वितीय संगम है, जहां आस्था, साधना, संत परंपरा और संस्कृति एक साथ प्रवाहित होती हैं। वर्ष 2027 का कुंभ मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि हरिद्वार को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में भी नई पहचान देगा।
