कुमाऊं में बढ़ती डग्गामारी पर रोडवेज कर्मियों का हल्ला बोल, बस अड्डे के बाहर प्रदर्शन!
अधिकारियों पर औपचारिकता के आरोप, चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी!
दर्पण न्यूज 24/7संवाददाता हल्द्वानी। कुमाऊं में बढ़ती डग्गामारी के खिलाफ सोमवार को उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। बस अड्डे परिसर में एकजुट हुए निगम के विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर नाराजगी जताई।
कर्मचारियों का आरोप है कि अवैध बसों और डग्गामार वाहनों के संचालन से निगम को लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है। इससे न केवल राजस्व में गिरावट आ रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी दांव पर लग रही है।
“कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति”
बस स्टेशन परिसर में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता निभाने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने कहा कि कई बार शिकायतों के बावजूद अवैध संचालन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है, जिससे डग्गामार वाहनों के हौसले बुलंद हैं।
पहले ज्ञापन, फिर उग्र आंदोलन!
संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों ने ऐलान किया कि पहले चरण में संभागीय परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कुमाऊं भर के संगठन संयुक्त रूप से आंदोलन को तेज करेंगे।
कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन उग्र रूप लेगा।
जनता से भी की अपील!
रोडवेज कर्मियों ने आम जनता से अपील की कि सस्ते किराए के लालच में अवैध वाहनों का इस्तेमाल न करें। उनका कहना है कि ऐसे वाहन न केवल दुर्घटना की आशंका बढ़ाते हैं, बल्कि पीक सीजन में मनमाना किराया वसूलते हैं। यदि सरकारी परिवहन सेवा कमजोर पड़ी तो निजी संचालकों की मनमानी बढ़ना तय है।
प्रदर्शन में कमल पपनै, मुकेश वर्मा, उमेश जोशी, नवनीत कपिल, शंकर सिंह, आनंद बिष्ट, आनंद सिंह जीना, नवीन लोहनी, एलडी पालीवाल, विजय अधिकारी, योगेश जोशी, मनोज भट्ट, शशिकांत गौतम, कार्तिक नेगी, मोहन आर्या, राजेश दुम्का समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
रोडवेज कर्मियों के तेवर साफ संकेत दे रहे हैं कि यदि डग्गामारी पर लगाम नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तीखा हो सकता है।
