गृह प्रवेश में जल्दबाजी पड़ सकती है भारी! धर्मशास्त्रों में बताए गए नियमों को लेकर विद्वानों की चेतावनी!
फाल्गुन मास और शनिवार के संयोग पर विशेषज्ञ बोले — मुहूर्त अनदेखा करना उचित नहीं!
दर्पण न्यूज 24/7 | विशेष संवाददाता
लालकुआं।
फाल्गुन मास में शनिवार को नये गृह प्रवेश कार्यक्रम को लेकर जहां राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं, वहीं धार्मिक विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों ने मांगलिक कार्यों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। फाल्गुन मास में आयोजित होने वाले गृह प्रवेशों को लेकर अब धर्मशास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर चेतावनी भरी चर्चाएं भी सामने आने लगी हैं।
धर्मग्रंथों के अनुसार गृह प्रवेश केवल नए घर में प्रवेश भर नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और देव आह्वान से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। विद्वानों का कहना है कि बिना शुभ तिथि, नक्षत्र और विधि-विधान के किया गया गृह प्रवेश भविष्य में मानसिक अशांति, आर्थिक बाधा और पारिवारिक अस्थिरता का कारण बन सकता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार फाल्गुन मास सामान्य रूप से शुभ अवश्य माना जाता है, लेकिन प्रत्येक दिन और नक्षत्र समान फलदायी नहीं होते। विशेष रूप से शनिवार को गृह प्रवेश करने से पहले पंचांग, ग्रह स्थिति और मुहूर्त का सूक्ष्म परीक्षण आवश्यक बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि शनि का प्रभाव कर्म और अनुशासन से जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन मांगलिक कार्य बिना उचित पूजन के करने से बचने की सलाह दी जाती है।
धर्म विशेषज्ञों का कहना है कि गृह प्रवेश से पूर्व वास्तु शांति, नवग्रह पूजन, हवन तथा प्रथम अग्नि प्रज्वलन जैसे अनुष्ठान अनिवार्य माने गए हैं। केवल सुविधा या सामाजिक कारणों से तिथि तय करना परंपराओं के विपरीत माना जाता है।
इधर क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के आयोजन समाज के लिए उदाहरण बनते हैं, ऐसे में धार्मिक परंपराओं का पालन और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
कुल मिलाकर, फाल्गुन मास में गृह प्रवेश आस्था और परंपरा के बीच संतुलन का संदेश दे रहा है — जहां धर्माचार्य एक ही बात दोहरा रहे हैं कि “गृह प्रवेश उत्सव नहीं, संस्कार है… और संस्कार में सावधानी ही शुभता की कुंजी है।”
