बातचीत और कूटनीति से ही निकलेगा युद्ध का समाधान : राजनाथ!
पश्चिम एशिया के हालात पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय!
दर्पण न्यूज 24/7
हल्द्वानी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
एमबी इंटर कॉलेज मैदान में राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे रक्षा मंत्री ने वैश्विक हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज दुनिया जिस दौर से गुजर रही है, उसमें कोई भी देश स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मान सकता। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में ऊर्जा और खाद्यान्न संकट जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।
धामी सरकार के चार साल ‘अभूतपूर्व’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य सरकार ने तेजी और दृढ़ता के साथ ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने चार साल में “चौका” लगाया है और आगे “छक्का” भी लगाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल पर्यटन और आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विकास, निवेश और सुशासन का मॉडल बनकर उभर रहा है।
2027 चुनाव का किया शंखनाद
रक्षा मंत्री ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भाजपा को दो-तिहाई बहुमत के साथ पुनः सत्ता में लाएगी।
महिला सशक्तिकरण और रोजगार पर जोर
राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सैनिकों के सम्मान में बढ़ी अनुग्रह राशि
उन्होंने बताया कि परमवीर चक्र से सम्मानित जवानों की अनुग्रह राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये किया गया है, जो सैनिकों के सम्मान की दिशा में बड़ा कदम है।
भ्रष्टाचार पर सख्ती
राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब कानून से ऊपर कोई नहीं है।
बड़े फैसलों का उल्लेख
रक्षा मंत्री ने राज्य सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों—यूनिफॉर्म सिविल कोड, नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास—को मील का पत्थर बताया।
उत्तराखंड ‘वीर भूमि’
उन्होंने उत्तराखंड को वेदों, देवों और वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां के लोग देश की सीमाओं की रक्षा में हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं।
(संवाददाता)
