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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट! ईरान की मिसाइलों से दहला इजरायल, ‘मास्टरमाइंड’ को लेकर बड़ा खुलासा!
24वें दिन भी नहीं थमी जंग की आग, ऊर्जा ढांचे तबाह… दुनिया में बढ़ा संकट!
नई दिल्ली/मिडिल ईस्ट।
अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार सुबह हालात तब और बिगड़ गए जब ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों का बड़ा जत्था इजरायल की ओर बढ़ता नजर आया। इजरायली सेना (IDF) ने तत्काल अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को बंकरों में शरण लेने के निर्देश दिए।
जंग के 24वें दिन हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट को दहला दिया है। इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान की राजधानी बेरूत समेत कई ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की, जहां हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों से पहले चेतावनी के चलते हजारों लोग घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए।
ऊर्जा ढांचे पर ताबड़तोड़ हमले, कई देश प्रभावित
इस युद्ध की सबसे बड़ी मार ऊर्जा सेक्टर पर पड़ रही है। ईरान के खुर्रमशहर और इस्फ़हान जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में पावर स्टेशन और गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया, जिससे बिजली उत्पादन ठप हो गया। जोरदार विस्फोटों से आग के गुबार आसमान तक उठते देखे गए।
वहीं कुवैत में भी मिसाइलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे से हाई-वोल्टेज बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। कतर ने इटली को गैस सप्लाई रोक दी है, जिससे यूरोप में भी ऊर्जा संकट गहराने लगा है।
हमलों में भारी नुकसान, कमांडर की मौत
इराक के अनबर प्रांत में हुए एक बड़े हवाई हमले में PMF (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स) के ऑपरेशंस हेडक्वार्टर को तबाह कर दिया गया। इस हमले में 6 लड़ाके मारे गए जबकि 15 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संगठन ने अपने कमांडर साद अल-बैजी की मौत की पुष्टि की है।
ट्रंप का बड़ा बयान, ‘युद्ध का मास्टरमाइंड कौन?’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध की शुरुआत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि अमेरिका के वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने सबसे पहले ईरान पर हमले का प्रस्ताव रखा था। ट्रंप के इस बयान के बाद जंग के ‘मास्टरमाइंड’ को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
हालांकि ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत “सकारात्मक” रही है और उन्होंने प्रस्तावित हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने की बात कही है, लेकिन तेहरान ने इसे सिरे से खारिज करते हुए “फेक न्यूज” बताया।
दुनिया में बढ़ी टेंशन, क्या होगा आगे?
लगातार बढ़ते हमलों और ऊर्जा संकट ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे।
अब सवाल यही है—क्या यह टकराव पूर्ण युद्ध में बदलेगा या कूटनीति आखिरी समय में हालात संभाल लेगी? फिलहाल मिडिल ईस्ट बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है।

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